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hindi kahani

  सच्चाई की जीत एक गाँव में मोहन नाम का एक ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में एक बटुआ मिला। बटुए में बहुत सारे पैसे थे। मोहन के मन में एक पल के लिए लालच आया, लेकिन उसने सोचा—“यह किसी मेहनती व्यक्ति का होगा।” To read more hindi kahani visit our channel  मोहन ने बटुआ गाँव के मुखिया को दे दिया। थोड़ी देर बाद एक व्यापारी रोता हुआ वहाँ आया और अपना खोया हुआ बटुआ ढूँढने लगा। मुखिया ने बटुआ दिखाया। व्यापारी बहुत खुश हुआ और मोहन को धन्यवाद दिया। To read more naitik kahaniya visit our channel  व्यापारी ने मोहन को इनाम देना चाहा, लेकिन मोहन ने विनम्रता से मना कर दिया। उसकी ईमानदारी देखकर सभी गाँववाले उसकी प्रशंसा करने लगे। Add kahaniya to your daily routine  शिक्षा: सच्चाई और ईमानदारी हमेशा जीतती है। Add moral stories to your daily routine 

naitik kahaniyan

  कहानी 1: ईमानदारी का फल एक गाँव में मोहन नाम का लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में पैसों से भरा बटुआ मिला। उसने बटुए के मालिक को ढूँढकर उसे लौटा दिया। मालिक उसकी ईमानदारी से बहुत खुश हुआ और उसे इनाम दिया। नीति: ईमानदारी हमेशा सुख देती है। To read more naitik kahaniyan visit our channel  कहानी 2: घमंड का अंत एक शेर अपने बल पर बहुत घमंड करता था। एक दिन वह शिकारी के जाल में फँस गया। तभी एक छोटा चूहा आया और जाल कुतरकर शेर को मुक्त कर दिया। नीति: किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। To read more hindi story visit our channel  कहानी 3: मेहनत की जीत एक किसान रोज़ मेहनत करता था, जबकि उसका पड़ोसी आलसी था। समय आने पर किसान की फसल बहुत अच्छी हुई, पर आलसी के खेत सूखे रह गए। नीति: मेहनत का फल मीठा होता है। Add stories in hindi to your daily routine  कहानी 4: सच्चाई की ताकत एक बच्चे ने गलती कर दी, लेकिन उसने सच बोल दिया। उसके माता-पिता ने उसे माफ कर दिया। नीति: सच्चाई विश्वास बढ़ाती है। Add moral story to your daily routine 

dadi maa ki kahani

  दादी माँ की प्यारी कहानी   एक गाँव में नन्ही सी बच्ची राधा रहती थी। हर रात वह अपनी दादी माँ के पास सोने जाती और कहती— “दादी माँ, आज कहानी सुनाओ।” To read more dadi maa ki kahani visit our channel  दादी मुस्कुरातीं और कहतीं— “बेटा, कहानी नहीं, आज जीवन का सच सुनाती हूँ।” दादी माँ ने बताया— एक बार एक गरीब लकड़हारा जंगल में लकड़ी काट रहा था। अचानक उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। वह रोने लगा। तभी नदी से देवी प्रकट हुईं और सोने की कुल्हाड़ी दिखाकर पूछा— To read more moral stories visit our channel  “क्या यह तुम्हारी है?” लकड़हारे ने ईमानदारी से कहा— “नहीं माता, मेरी तो साधारण लोहे की है।” देवी उसकी सच्चाई से प्रसन्न हुईं और उसे लोहे की कुल्हाड़ी के साथ सोने और चाँदी की कुल्हाड़ी भी दे दी। दादी माँ ने प्यार से कहा— “बेटा, सच्चाई और ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है।” Add hindi stories to your daily routine  राधा मुस्कुराई और बोली— “दादी माँ, मैं भी हमेशा सच्ची रहूँगी।” दादी ने उसे आशीर्वाद दिया और दोनों मीठी नींद में सो गईं।  सीख: सच्चाई और ई...

dadi maa ki kahaniya

  दादी माँ की कहानी: सच्चाई का फल एक गाँव में मोहन नाम का एक छोटा लड़का रहता था। वह बहुत ही ईमानदार था। एक दिन वह जंगल से लकड़ियाँ लेने गया। रास्ते में उसे सोने का सिक्का मिला। To read more dadi maa ki kahaniya visit our channel  मोहन ने सोचा, “यह मेरा नहीं है, किसी का खोया हुआ होगा।” वह सिक्का लेकर गाँव की चौपाल में गया और सबको बताया। थोड़ी देर बाद एक बुज़ुर्ग व्यक्ति आए और बोले, “बेटा, यह सिक्का मेरा है।” To read more stories in hindi visit our channel  मोहन ने खुशी-खुशी सिक्का लौटा दिया। बुज़ुर्ग बहुत प्रसन्न हुए और बोले, “बेटा, तुम्हारी सच्चाई ही तुम्हारा सबसे बड़ा धन है।” उन्होंने मोहन को आशीर्वाद दिया। उस दिन से गाँव में मोहन की ईमानदारी की मिसाल दी जाने लगी। Add bedtime stories to your daily routine   सीख सच्चाई और ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है। Add hindi kahani to your daily routine 

jadui kahaniya

  जादुई दीपक की कहानी   बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गाँव में राहुल नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन उसे जंगल में लकड़ी काटते समय ज़मीन में दबा हुआ एक पुराना दीपक मिला। To read more jadui kahaniya visit our channel  राहुल ने जैसे ही दीपक को साफ किया, अचानक उसमें से नीली रोशनी निकली और एक जादुई जिन्न प्रकट हुआ। जिन्न बोला, “तुमने मुझे आज़ाद किया है, मैं तुम्हारी एक इच्छा पूरी करूँगा।” To read more magical stories visit our channel  राहुल ने सोचा और बोला, “मुझे ऐसा ज्ञान दो जिससे मैं सबकी मदद कर सकूँ।” जिन्न मुस्कुराया और बोला, “तुम्हारी इच्छा पूरी हुई।” Add jadui kahani to your daily routine  उस दिन के बाद राहुल बहुत बुद्धिमान हो गया। वह गाँव के लोगों की समस्याएँ हल करने लगा। धीरे-धीरे गाँव खुशहाल हो गया। राहुल ने कभी जादू का घमंड नहीं किया और हमेशा भलाई के रास्ते पर चला। कहानी से सीख:  सच्चा जादू लालच में नहीं, अच्छे कर्मों में होता है। Add fairy tales to your daily routine 

ganesh ji ki katha

  श्री गणेश जी की कथा   एक समय की बात है। माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से एक बालक का निर्माण किया और उसमें प्राण डाल दिए। उन्होंने उस बालक का नाम गणेश रखा और उसे द्वार पर पहरा देने को कहा। माता ने आदेश दिया कि जब तक वे स्नान कर रही हैं, किसी को भीतर न आने दे। To read more ganesh ji ki katha   visit our channel  कुछ समय बाद भगवान शिव वहाँ आए और भीतर जाने लगे। गणेश जी ने माता की आज्ञा के अनुसार उन्हें रोक दिया। शिव जी क्रोधित हो गए और उन्होंने अपने त्रिशूल से गणेश जी का सिर काट दिया। To read more sankashti chaturthi vrat katha visit our channel  जब माता पार्वती को यह ज्ञात हुआ तो वे अत्यंत दुःखी हो गईं और क्रोध में सृष्टि का विनाश करने को तत्पर हो गईं। तब भगवान शिव ने अपने गणों को भेजा और आदेश दिया कि जो पहला जीव मिले, उसका सिर लेकर आओ। गणों को एक हाथी मिला और वे उसका सिर ले आए। Add vrat katha to your daily routine  भगवान शिव ने हाथी का सिर गणेश जी के धड़ पर स्थापित किया और उन्हें जीवनदान दिया। साथ ही उन्हें यह वरदान दिया कि वे सभी देवताओं ...

bhagwan jagannath ki kahani

  भगवान जगन्नाथ की कथा   बहुत समय पहले की बात है। ओडिशा के पुरी नगर में इंद्रद्युम्न नामक एक महान राजा थे। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे। एक दिन राजा ने भगवान विष्णु को नील माधव रूप में पूजते हुए एक आदिवासी भक्त के बारे में सुना। राजा ने उस दिव्य स्वरूप के दर्शन करने की इच्छा से खोज आरंभ करवाई। To read more bhagwan jagannath ki kahani visit our channel  खोज के बाद पता चला कि नील माधव भगवान नीलकंठ पर्वत के पास विराजमान हैं। राजा वहाँ पहुँचे, लेकिन तब तक भगवान अंतर्ध्यान हो चुके थे। राजा बहुत दुखी हुए और कठोर तपस्या करने लगे। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा— “मैं दारु (लकड़ी) के रूप में प्रकट होऊँगा। उसी से मेरी मूर्ति बनेगी।” To read more bhakti kahaniya visit our channel  कुछ समय बाद समुद्र तट पर एक दिव्य लकड़ी का लठ्ठा मिला। उसी लकड़ी से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की मूर्तियाँ बनाई गईं। मूर्तियाँ अधूरी थीं, फिर भी उनमें दिव्य चेतना थी। भगवान ने बताया कि यही उनका स्वरूप है— सरल, सुलभ और भक्तों के निकट ।...