friday vrat katha
शुक्रवार व्रत की कहानी
एक समय की बात है, एक गांव में एक बहुत ही धर्मपरायण औरत रहती थी। उसका नाम सुमित्रा था। सुमित्रा अपने पति और बच्चों के साथ बहुत सुखी जीवन जी रही थी। उसने अपने जीवन में कभी किसी का दिल दुखाया नहीं और हमेशा भगवान शिव और माँ लक्ष्मी की पूजा करती थी।
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सुमित्रा ने सुना कि शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी का व्रत करने से घर में सुख, शांति और धन की वृद्धि होती है। तब उसने निश्चय किया कि वह हर शुक्रवार को व्रत करेगी।
व्रत की विधि:
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शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
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साफ़ कपड़े पहनें और माँ लक्ष्मी की पूजा करें।
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पीले फूल, हल्दी और चावल चढ़ाएं।
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व्रत के दिन हल्का भोजन करें या पूरी तरह निर्जला व्रत रखें।
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दिनभर माता लक्ष्मी का ध्यान और भजन करें।
सुमित्रा ने इस व्रत को नियमित रूप से करना शुरू किया। कुछ ही समय में उसके घर में धन की वृद्धि, सुख-समृद्धि और परिवार में harmony आने लगी। लोगों ने भी देखा कि सुमित्रा के घर हमेशा सुख और शांति बनी रहती थी।
कहानी से शिक्षा:
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नियमित व्रत और भक्ति से जीवन में खुशहाली आती है।
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माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धा और सत्कार जरूरी है।
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