mangalwar ki kahani
मंगलवार का व्रत और कहानी
एक समय की बात है, किसी गाँव में सुमित्रा नाम की स्त्री रहती थी। वह अपने पति और बच्चों के साथ बहुत ही साधारण जीवन व्यतीत करती थी। लेकिन उसका जीवन दुःखों से भरा था। उसके पति बहुत क्रोधी स्वभाव के थे और अक्सर उसे परेशान करते थे।
To read more mangalwar ki kahani visit our channel
एक दिन सुमित्रा अपने दुःखों का निवारण पाने के लिए मंदिर गई। वहाँ उन्होंने मंगलवार का व्रत रखने का विचार किया। वह पूरे विधिपूर्वक व्रत करती, हनुमान जी की आराधना करती और संकल्प लिया कि वह पूरे हृदय से हनुमान जी की भक्ति करेगी।
सुमित्रा ने सात मंगलवार तक व्रत रखा। सातवें मंगलवार को, उसे एक सपना आया जिसमें हनुमान जी ने कहा,
"भक्त का मन पवित्र हो और विश्वास अटल हो तो मैं हर दुःख दूर करता हूँ।"
सुमित्रा ने विश्वास से भरे मन से हनुमान जी की भक्ति की। उसके पति का स्वभाव धीरे-धीरे बदलने लगा, घर में सुख-शांति बनी और बच्चों का जीवन भी खुशहाल हुआ।
इस प्रकार, मंगलवार का व्रत रखने से न केवल जीवन में कठिनाइयाँ दूर होती हैं, बल्कि भक्त का मन भी दृढ़ और सकारात्मक बनता है।
Add tuesday story to your daily routine
Comments
Post a Comment