budhwar ki kahani

 


बुधवार की व्रत कथा (Budhwar Ki Kahani)

प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक गरीब लेकिन सच्चा व्यक्ति रहता था। वह हर कार्य ईमानदारी और सच्चाई से करता था, फिर भी उसके जीवन में हमेशा धन और सुख की कमी रहती थी।

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एक दिन किसी साधु ने उससे कहा,
“तुम बुधवार का व्रत रखो और भगवान बुध देव की श्रद्धा से पूजा करो। तुम्हारे कष्ट दूर होंगे।”

उस व्यक्ति ने साधु की बात मान ली। उसने बुधवार को हरे वस्त्र धारण किए, हरे मूंग का दान किया और सच्चे मन से बुध देव की पूजा करने लगा। वह हर बुधवार व्रत कथा सुनता और किसी से छल-कपट नहीं करता।

कुछ समय बाद उसके जीवन में परिवर्तन आने लगा। व्यापार में लाभ होने लगा, घर में सुख-शांति आई और बुद्धि भी तेज हो गई। वह समझ गया कि यह सब बुध देव की कृपा से संभव हुआ है।

तब से वह और उसका परिवार पूरे श्रद्धा भाव से बुधवार का व्रत करने लगे।


कथा से सीख

  • सच्चाई और धैर्य का फल अवश्य मिलता है

  • बुध देव बुद्धि, व्यापार और वाणी को मजबूत करते हैं

  • श्रद्धा से किया गया व्रत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है

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