संत कबीरदास की सीख
Sant Kabir Das की सीख सरल भाषा में गहरी जीवन शिक्षा देती है। उनकी वाणी मानवता, सच्चाई, प्रेम और ईश्वर भक्ति पर आधारित थी। कुछ प्रमुख सीखें:
Sant Kabir Das की सीख सरल भाषा में गहरी जीवन शिक्षा देती है। उनकी वाणी मानवता, सच्चाई, प्रेम और ईश्वर भक्ति पर आधारित थी। कुछ प्रमुख सीखें:
सत्य और सादगी का जीवन
कबीरदास जी कहते थे कि इंसान को दिखावे से दूर रहकर सच्चा और सरल जीवन जीना चाहिए।
“साईं इतना दीजिए, जामे कुटुम समाय
मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाए।”
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जाति-पाति का विरोध
उन्होंने समाज में फैले भेदभाव का विरोध किया और सभी मनुष्यों को समान माना।
“जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान।”
ईश्वर हर जगह है
कबीरदास जी के अनुसार भगवान मंदिर या मस्जिद में ही नहीं, बल्कि हर जीव में बसते हैं।
“मोको कहाँ ढूंढे रे बंदे, मैं तो तेरे पास में।”
कर्म का महत्व
केवल बातें करने से कुछ नहीं होता, अच्छे कर्म जरूरी हैं।
“काल करे सो आज कर, आज करे सो अब।”
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गुरु का सम्मान
उन्होंने गुरु को जीवन का मार्गदर्शक माना।
“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।”
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