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Showing posts from January, 2026

hindi kahani

  सच्चाई की जीत एक गाँव में मोहन नाम का एक ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में एक बटुआ मिला। बटुए में बहुत सारे पैसे थे। मोहन के मन में एक पल के लिए लालच आया, लेकिन उसने सोचा—“यह किसी मेहनती व्यक्ति का होगा।” To read more hindi kahani visit our channel  मोहन ने बटुआ गाँव के मुखिया को दे दिया। थोड़ी देर बाद एक व्यापारी रोता हुआ वहाँ आया और अपना खोया हुआ बटुआ ढूँढने लगा। मुखिया ने बटुआ दिखाया। व्यापारी बहुत खुश हुआ और मोहन को धन्यवाद दिया। To read more naitik kahaniya visit our channel  व्यापारी ने मोहन को इनाम देना चाहा, लेकिन मोहन ने विनम्रता से मना कर दिया। उसकी ईमानदारी देखकर सभी गाँववाले उसकी प्रशंसा करने लगे। Add kahaniya to your daily routine  शिक्षा: सच्चाई और ईमानदारी हमेशा जीतती है। Add moral stories to your daily routine 

naitik kahaniyan

  कहानी 1: ईमानदारी का फल एक गाँव में मोहन नाम का लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में पैसों से भरा बटुआ मिला। उसने बटुए के मालिक को ढूँढकर उसे लौटा दिया। मालिक उसकी ईमानदारी से बहुत खुश हुआ और उसे इनाम दिया। नीति: ईमानदारी हमेशा सुख देती है। To read more naitik kahaniyan visit our channel  कहानी 2: घमंड का अंत एक शेर अपने बल पर बहुत घमंड करता था। एक दिन वह शिकारी के जाल में फँस गया। तभी एक छोटा चूहा आया और जाल कुतरकर शेर को मुक्त कर दिया। नीति: किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। To read more hindi story visit our channel  कहानी 3: मेहनत की जीत एक किसान रोज़ मेहनत करता था, जबकि उसका पड़ोसी आलसी था। समय आने पर किसान की फसल बहुत अच्छी हुई, पर आलसी के खेत सूखे रह गए। नीति: मेहनत का फल मीठा होता है। Add stories in hindi to your daily routine  कहानी 4: सच्चाई की ताकत एक बच्चे ने गलती कर दी, लेकिन उसने सच बोल दिया। उसके माता-पिता ने उसे माफ कर दिया। नीति: सच्चाई विश्वास बढ़ाती है। Add moral story to your daily routine 

dadi maa ki kahani

  दादी माँ की प्यारी कहानी   एक गाँव में नन्ही सी बच्ची राधा रहती थी। हर रात वह अपनी दादी माँ के पास सोने जाती और कहती— “दादी माँ, आज कहानी सुनाओ।” To read more dadi maa ki kahani visit our channel  दादी मुस्कुरातीं और कहतीं— “बेटा, कहानी नहीं, आज जीवन का सच सुनाती हूँ।” दादी माँ ने बताया— एक बार एक गरीब लकड़हारा जंगल में लकड़ी काट रहा था। अचानक उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। वह रोने लगा। तभी नदी से देवी प्रकट हुईं और सोने की कुल्हाड़ी दिखाकर पूछा— To read more moral stories visit our channel  “क्या यह तुम्हारी है?” लकड़हारे ने ईमानदारी से कहा— “नहीं माता, मेरी तो साधारण लोहे की है।” देवी उसकी सच्चाई से प्रसन्न हुईं और उसे लोहे की कुल्हाड़ी के साथ सोने और चाँदी की कुल्हाड़ी भी दे दी। दादी माँ ने प्यार से कहा— “बेटा, सच्चाई और ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है।” Add hindi stories to your daily routine  राधा मुस्कुराई और बोली— “दादी माँ, मैं भी हमेशा सच्ची रहूँगी।” दादी ने उसे आशीर्वाद दिया और दोनों मीठी नींद में सो गईं।  सीख: सच्चाई और ई...

dadi maa ki kahaniya

  दादी माँ की कहानी: सच्चाई का फल एक गाँव में मोहन नाम का एक छोटा लड़का रहता था। वह बहुत ही ईमानदार था। एक दिन वह जंगल से लकड़ियाँ लेने गया। रास्ते में उसे सोने का सिक्का मिला। To read more dadi maa ki kahaniya visit our channel  मोहन ने सोचा, “यह मेरा नहीं है, किसी का खोया हुआ होगा।” वह सिक्का लेकर गाँव की चौपाल में गया और सबको बताया। थोड़ी देर बाद एक बुज़ुर्ग व्यक्ति आए और बोले, “बेटा, यह सिक्का मेरा है।” To read more stories in hindi visit our channel  मोहन ने खुशी-खुशी सिक्का लौटा दिया। बुज़ुर्ग बहुत प्रसन्न हुए और बोले, “बेटा, तुम्हारी सच्चाई ही तुम्हारा सबसे बड़ा धन है।” उन्होंने मोहन को आशीर्वाद दिया। उस दिन से गाँव में मोहन की ईमानदारी की मिसाल दी जाने लगी। Add bedtime stories to your daily routine   सीख सच्चाई और ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है। Add hindi kahani to your daily routine 

jadui kahaniya

  जादुई दीपक की कहानी   बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गाँव में राहुल नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन उसे जंगल में लकड़ी काटते समय ज़मीन में दबा हुआ एक पुराना दीपक मिला। To read more jadui kahaniya visit our channel  राहुल ने जैसे ही दीपक को साफ किया, अचानक उसमें से नीली रोशनी निकली और एक जादुई जिन्न प्रकट हुआ। जिन्न बोला, “तुमने मुझे आज़ाद किया है, मैं तुम्हारी एक इच्छा पूरी करूँगा।” To read more magical stories visit our channel  राहुल ने सोचा और बोला, “मुझे ऐसा ज्ञान दो जिससे मैं सबकी मदद कर सकूँ।” जिन्न मुस्कुराया और बोला, “तुम्हारी इच्छा पूरी हुई।” Add jadui kahani to your daily routine  उस दिन के बाद राहुल बहुत बुद्धिमान हो गया। वह गाँव के लोगों की समस्याएँ हल करने लगा। धीरे-धीरे गाँव खुशहाल हो गया। राहुल ने कभी जादू का घमंड नहीं किया और हमेशा भलाई के रास्ते पर चला। कहानी से सीख:  सच्चा जादू लालच में नहीं, अच्छे कर्मों में होता है। Add fairy tales to your daily routine 

ganesh ji ki katha

  श्री गणेश जी की कथा   एक समय की बात है। माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से एक बालक का निर्माण किया और उसमें प्राण डाल दिए। उन्होंने उस बालक का नाम गणेश रखा और उसे द्वार पर पहरा देने को कहा। माता ने आदेश दिया कि जब तक वे स्नान कर रही हैं, किसी को भीतर न आने दे। To read more ganesh ji ki katha   visit our channel  कुछ समय बाद भगवान शिव वहाँ आए और भीतर जाने लगे। गणेश जी ने माता की आज्ञा के अनुसार उन्हें रोक दिया। शिव जी क्रोधित हो गए और उन्होंने अपने त्रिशूल से गणेश जी का सिर काट दिया। To read more sankashti chaturthi vrat katha visit our channel  जब माता पार्वती को यह ज्ञात हुआ तो वे अत्यंत दुःखी हो गईं और क्रोध में सृष्टि का विनाश करने को तत्पर हो गईं। तब भगवान शिव ने अपने गणों को भेजा और आदेश दिया कि जो पहला जीव मिले, उसका सिर लेकर आओ। गणों को एक हाथी मिला और वे उसका सिर ले आए। Add vrat katha to your daily routine  भगवान शिव ने हाथी का सिर गणेश जी के धड़ पर स्थापित किया और उन्हें जीवनदान दिया। साथ ही उन्हें यह वरदान दिया कि वे सभी देवताओं ...

bhagwan jagannath ki kahani

  भगवान जगन्नाथ की कथा   बहुत समय पहले की बात है। ओडिशा के पुरी नगर में इंद्रद्युम्न नामक एक महान राजा थे। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे। एक दिन राजा ने भगवान विष्णु को नील माधव रूप में पूजते हुए एक आदिवासी भक्त के बारे में सुना। राजा ने उस दिव्य स्वरूप के दर्शन करने की इच्छा से खोज आरंभ करवाई। To read more bhagwan jagannath ki kahani visit our channel  खोज के बाद पता चला कि नील माधव भगवान नीलकंठ पर्वत के पास विराजमान हैं। राजा वहाँ पहुँचे, लेकिन तब तक भगवान अंतर्ध्यान हो चुके थे। राजा बहुत दुखी हुए और कठोर तपस्या करने लगे। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा— “मैं दारु (लकड़ी) के रूप में प्रकट होऊँगा। उसी से मेरी मूर्ति बनेगी।” To read more bhakti kahaniya visit our channel  कुछ समय बाद समुद्र तट पर एक दिव्य लकड़ी का लठ्ठा मिला। उसी लकड़ी से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की मूर्तियाँ बनाई गईं। मूर्तियाँ अधूरी थीं, फिर भी उनमें दिव्य चेतना थी। भगवान ने बताया कि यही उनका स्वरूप है— सरल, सुलभ और भक्तों के निकट ।...

jagannath ji ki katha

   भगवान जगन्नाथ जी की कथा  बहुत समय पहले ओड़िशा के पुरी नगर में इंद्रद्युम्न नाम के एक महान और भक्त राजा रहते थे। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे। एक दिन राजा ने स्वप्न में भगवान को देखा, जिनका रूप बहुत ही दिव्य था। भगवान ने संकेत दिया कि वे नीलाचल पर्वत पर निवास करना चाहते हैं। To read more jagannath ji ki katha visit our channel  राजा इंद्रद्युम्न ने भगवान की खोज करवाई। अंत में समुद्र तट पर एक अद्भुत लकड़ी (दारु ब्रह्म) प्राप्त हुई। उसी लकड़ी से भगवान की मूर्ति बनाने का आदेश हुआ। यह कार्य विश्वकर्मा ने एक वृद्ध बढ़ई के रूप में स्वीकार किया, लेकिन शर्त रखी कि जब तक मूर्ति बन रही हो, कोई दरवाजा न खोले। To read more jagannath ji ki kahani visit our channel  कुछ समय बाद उत्सुकता में दरवाजा खोल दिया गया। तभी बढ़ई अदृश्य हो गया और मूर्तियाँ अधूरी रह गईं। तभी आकाशवाणी हुई कि यही रूप भगवान को स्वीकार है। Add bhakti kahani to your daily routine  इस प्रकार भगवान जगन्नाथ , उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की स्थापना हुई। भगवान जगन्नाथ का अर्थ है — संपूर्...

garbh geeta

  गर्भ गीता हिंदू धर्म में एक अत्यंत प्रेरणादायक और आध्यात्मिक विषय है। यह कथा बताती है कि गर्भ में स्थित आत्मा भगवान से क्या प्रार्थना करती है और जन्म से पहले मनुष्य का स्वरूप कैसा होता है। To read more garbh geeta visit our channel  गर्भ गीता का सार  कहा जाता है कि जब जीव माँ के गर्भ में होता है, तब वह अपने पूर्व जन्मों के कर्मों को स्मरण करता है। गर्भ में कष्ट सहते हुए वह भगवान से प्रार्थना करता है— To read more garbh katha visit our channel “हे प्रभु! इस संसार के दुखों से मुझे मुक्त करें। मैं जन्म लेकर आपकी भक्ति करूँगा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलूँगा।” गर्भ में रहते हुए जीव को संसार का वैराग्य , ईश्वर का ज्ञान और आत्मा की शुद्धता का बोध होता है। लेकिन जैसे ही जन्म होता है, माया के प्रभाव से वह सब भूल जाता है। Add garbh geeta gyan to your daily routine  गर्भ गीता से मिलने वाली सीख  मानव जन्म अत्यंत दुर्लभ और अमूल्य है गर्भ में किया गया वचन हमें धर्म और भक्ति की याद दिलाता है संसार की माया हमें सत्य से दूर कर देती है हमें ...

budhwar ki kahani

  बुधवार व्रत कथा   प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक गरीब लेकिन सच्चा व्यापारी रहता था। वह भगवान बुध देव का बड़ा भक्त था और हर बुधवार को श्रद्धा से व्रत रखता था। वह हरे वस्त्र पहनता, हरी मूंग का दान करता और सत्य व मधुर वाणी का पालन करता। To read more budhwar ki kahani visit our channel  एक बार उस व्यापारी पर कठिन समय आया। व्यापार में भारी नुकसान हुआ और लोग उसका मज़ाक उड़ाने लगे। फिर भी उसने बुधवार का व्रत और बुध देव की पूजा नहीं छोड़ी। वह मन ही मन बुध देव से प्रार्थना करता रहा। To read more budhwar vrat katha visit our channel कुछ समय बाद एक दिन उसके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया। उसे अचानक एक अच्छा व्यापारिक अवसर मिला। उसकी बुद्धि, वाणी और निर्णय शक्ति तेज़ हो गई। धीरे-धीरे वह फिर से समृद्ध हो गया। उसने समझा कि यह सब बुध देव की कृपा से संभव हुआ। उसने और अधिक श्रद्धा से बुधवार का व्रत करने लगा और दूसरों को भी सत्य, संयम और सदाचार का मार्ग बताया। Add katha to your daily routine  कथा से शिक्षा बुधवार का व्रत करने से बुद्धि, वाणी, व्यापार और जीवन में सफलता...

shani dev ki katha

  🌑 शनि देव की कथा (सरल हिंदी में) शनि देव सूर्य देव और छाया देवी के पुत्र हैं। वे न्याय के देवता माने जाते हैं। शनि देव मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अच्छे कर्म करने वालों पर वे कृपा करते हैं और बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं। शनि देव और राजा विक्रमादित्य की कथा प्राचीन समय में उज्जैन के राजा विक्रमादित्य बहुत पराक्रमी और न्यायप्रिय थे। एक दिन उन्होंने शनि देव की मूर्ति को पैरों के नीचे दिखाया। शनि देव इससे क्रोधित हो गए और बोले— “राजन, तुम्हें अपने कर्म का फल अवश्य मिलेगा।” To read more shani dev ki katha visit our channel  कुछ समय बाद राजा विक्रमादित्य पर शनि की साढ़ेसाती आरंभ हुई। उनका राजपाट छिन गया, उन्हें जंगलों में भटकना पड़ा और बहुत कष्ट सहने पड़े। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें मेहनत-मजदूरी करनी पड़ी। To read more shani dev visit our channel  लेकिन राजा ने कभी धैर्य, सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। वर्षों बाद जब शनि की साढ़ेसाती समाप्त हुई, शनि देव ने प्रसन्न होकर राजा को पहले से भी बड़ा राज्य और सम्मान दिया। Add shaniwar ki kaha...

katha kahani

  कथा: सच्ची भक्ति का फल एक गाँव में हरि नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसके पास धन नहीं था, लेकिन उसके मन में भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा थी। हर सुबह वह खेत जाने से पहले भगवान का नाम लेता और कहता, “हे प्रभु, आज का दिन आपके भरोसे है।” To read more katha kahani visit our channel  एक साल भयंकर सूखा पड़ा। गाँव के सभी लोग चिंतित थे। हरि ने भी मेहनत की, लेकिन फसल नहीं हुई। फिर भी उसने शिकायत नहीं की और रोज़ भगवान का धन्यवाद करता रहा। To read more kahaniya hindi visit our channel  एक दिन गाँव में एक साधु आए। उन्होंने हरि की भक्ति देखकर कहा, “तुमने विश्वास नहीं छोड़ा, यही तुम्हारी सबसे बड़ी पूँजी है।” कुछ ही समय बाद ज़ोरदार बारिश हुई और हरि के खेत में फसल लहलहा उठी। गाँव के लोग हैरान रह गए। हरि ने विनम्रता से कहा, “यह मेरी मेहनत नहीं, प्रभु पर विश्वास का फल है।” Add kahani to your daily routine  कहानी की सीख: सच्ची भक्ति और धैर्य रखने वाले व्यक्ति को भगवान कभी निराश नहीं करते। Add ktha to your daily routine 

moral stories

  कहानी 1: सच्चाई का फल एक गाँव में रामू नाम का लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में एक थैली मिली। उसमें पैसे थे। रामू चाह सकता था कि पैसे रख ले, लेकिन उसने ईमानदारी दिखाई और थैली गाँव के मुखिया को दे दी। कुछ समय बाद असली मालिक मिला और रामू की ईमानदारी से बहुत खुश हुआ। उसने रामू को इनाम दिया। सीख: सच्चाई और ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है। To read more moral stories visit our channel  कहानी 2: मेहनत का महत्व एक किसान रोज़ मेहनत से खेत में काम करता था। उसका पड़ोसी आलसी था और काम से बचता रहता था। जब फसल का समय आया, किसान के खेत में खूब अनाज हुआ, लेकिन आलसी के खेत खाली रहे। सीख: मेहनत करने वालों को ही सफलता मिलती है। कहानी 3: दया की ताकत एक दिन एक बच्चे ने प्यासे कुत्ते को पानी पिलाया। कुछ दिनों बाद वही कुत्ता बच्चे की जान बचाने में काम आया। बच्चा समझ गया कि दया कभी व्यर्थ नहीं जाती। सीख: दया और करुणा का फल हमेशा अच्छा होता है। Add bedtime stories to your daily routine 

naitik kahaniya

   कहानी 1: ईमानदारी का फल एक गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। एक दिन उसे खेत में सोने की थैली मिली। उसने थैली गाँव के मुखिया को दे दी। कुछ दिन बाद असली मालिक मिला और रामू की ईमानदारी से बहुत खुश हुआ। उसने रामू को इनाम दिया। सीख: ईमानदारी हमेशा फल देती है। To read more naitik kahaniya visit our channel   कहानी 2: लालच का अंत एक कौवे को रोटी का टुकड़ा मिला। उसने सोचा बड़ा टुकड़ा पाने के लिए लोमड़ी की बात माने। जैसे ही उसने मुँह खोला, रोटी गिर गई। सीख: लालच बुरा होता है।  कहानी 3: समय की कीमत मोहन हमेशा काम टालता रहता था। परीक्षा के समय उसे पछताना पड़ा क्योंकि वह तैयारी नहीं कर पाया। तब उसने समझा कि समय बहुत कीमती है। सीख: समय का सदुपयोग करना चाहिए।  कहानी 4: दया की शक्ति एक बच्चे ने घायल पक्षी की मदद की। कुछ समय बाद वही पक्षी उसकी मुसीबत में काम आया। सीख: दया और करुणा हमेशा लौटकर आती है। Add kahaniya to your daily routine 

stories in hindi

  सच्चाई की जीत एक गाँव में मोहन नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार लड़का रहता था। वह रोज़ मेहनत करके अपना जीवन चलाता था। एक दिन उसे रास्ते में एक थैला मिला, जिसमें बहुत सारे सिक्के थे। To read more stories in hindi visit our channel  मोहन को थोड़ी देर के लिए लालच आया, लेकिन उसने सोचा, “यह पैसा मेरा नहीं है, किसी का खोया हुआ है।” वह थैला लेकर गाँव के चौपाल पर गया और सबको बुलाकर बोला, “जिसका यह थैला है, वह सही पहचान बताए।” थोड़ी देर बाद एक व्यापारी आया और थैले की सही पहचान बता दी। मोहन ने थैला उसे लौटा दिया। व्यापारी बहुत खुश हुआ और इनाम देना चाहा, लेकिन मोहन ने विनम्रता से मना कर दिया। व्यापारी ने मोहन की ईमानदारी से प्रभावित होकर उसे काम दे दिया। धीरे-धीरे मोहन का जीवन सुधर गया। शिक्षा: सच्चाई और ईमानदारी का फल हमेशा अच्छा होता है। Add moral story to your daily routine

naitik kahaniyan

कहानी 1: ईमानदारी का फल एक गाँव में रामू नाम का लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में एक बटुआ मिला। उसमें बहुत पैसे थे। रामू ने बटुआ गाँव के मुखिया को दे दिया। कुछ दिन बाद बटुए का मालिक मिला और रामू की ईमानदारी से खुश होकर उसे इनाम दिया। सीख: ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है। To read more naitik kahaniyan visit our channel   कहानी 2: समय की कीमत मोहन हर काम टालता रहता था। परीक्षा के समय वह परेशान हो गया। उसकी सहेली रीना समय पर पढ़ाई करती थी और अच्छे अंक लाई। मोहन को अपनी गलती समझ आई। सीख: समय का सही उपयोग सफलता दिलाता है।  कहानी 3: दया की शक्ति एक बच्चा रोज़ एक घायल पक्षी को दाना देता था। कुछ दिनों में पक्षी ठीक हो गया। एक दिन वही पक्षी बच्चे को साँप से बचा लेता है। सीख: दया और करुणा कभी व्यर्थ नहीं जाती। Add hindi story to your daily routine 

hindi stories

सच्चाई की जीत एक गाँव में रामू नाम का एक ईमानदार लड़का रहता था। वह रोज़ जंगल से लकड़ियाँ काटकर बाज़ार में बेचता था। एक दिन नदी के किनारे उसकी कुल्हाड़ी पानी में गिर गई। रामू बहुत दुखी हुआ और भगवान से प्रार्थना करने लगा। To read more hindi stories visit our channel  भगवान प्रकट हुए और सोने की कुल्हाड़ी दिखाकर पूछा, “क्या यह तुम्हारी है?” रामू बोला, “नहीं प्रभु, मेरी तो साधारण लोहे की कुल्हाड़ी है।” फिर भगवान ने चाँदी की कुल्हाड़ी दिखाई। रामू ने फिर मना कर दिया। अंत में भगवान ने लोहे की कुल्हाड़ी दिखाई। रामू खुश होकर बोला, “हाँ प्रभु, यही मेरी है।” रामू की सच्चाई से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं। शिक्षा: सच्चाई और ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है। Add moral story in hindi to your daily routine 

dadi maa ki kahani

 दादी माँ की कहानी: सच्चाई का दीपक एक गाँव में राहुल नाम का एक छोटा सा लड़का रहता था। वह बहुत चंचल था, लेकिन कभी-कभी झूठ बोल देता था। उसकी दादी माँ हमेशा कहती थीं, “बेटा, सच्चाई हमेशा उजाला लाती है।” To read more dadi maa ki kahani visit our channel  एक दिन राहुल खेलते-खेलते पड़ोसी का दीपक तोड़ बैठा। डर के मारे उसने माँ से कह दिया कि यह काम किसी और ने किया है। रात को जब राहुल सोने गया, तो उसे नींद नहीं आई। उसे बार-बार दादी माँ की बात याद आ रही थी। अगली सुबह राहुल दादी माँ के पास गया और सारी सच्चाई बता दी। दादी माँ ने प्यार से उसका सिर सहलाया और कहा, “देखा बेटा, सच बोलने से मन हल्का हो जाता है।” राहुल ने पड़ोसी से माफी माँगी। पड़ोसी ने उसे डाँटा नहीं, बल्कि उसकी ईमानदारी की तारीफ़ की। उस दिन से राहुल ने कभी झूठ नहीं बोला।  सीख सच्चाई का रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन वही सच्चा सुख देता है।   Add moral stories to your daily routine 

bedtime stories

 चाँद और नन्ही चिड़िया एक गाँव के पास एक बड़ा सा बरगद का पेड़ था। उसी पेड़ पर एक नन्ही सी चिड़िया अपने परिवार के साथ रहती थी। हर रात वह चाँद को बड़े प्यार से देखती और उससे बातें करती। To read more bedtime stories visit our channel  एक रात चिड़िया ने पूछा, “चाँद दादा, आप रोज़ मेरे पास क्यों आते हैं?” चाँद मुस्कराया और बोला, “मैं बच्चों की रखवाली करने आता हूँ, ताकि वे मीठे सपने देख सकें।” चिड़िया बहुत खुश हुई। उसने अपनी आँखें बंद कीं और चाँद की रोशनी में सो गई। हल्की हवा चल रही थी, पत्ते सरसराने लगे और पूरा जंगल शांति से भर गया। उस रात चिड़िया ने सपना देखा कि वह आकाश में उड़ रही है और चाँद उसके साथ-साथ चल रहा है। सुबह जब उसकी आँख खुली, तो वह मुस्करा रही थी। उसे पता था— जब दिल साफ़ हो, तो सपने हमेशा सुंदर आते हैं। Add hindi kahani to your daily routine 

dadi maa ki kahaniya

  दादी माँ की कहानी: सच्चाई का दीपक एक गाँव में रामू नाम का एक छोटा लड़का रहता था। वह बहुत चंचल था, लेकिन कभी-कभी झूठ भी बोल देता था। एक दिन उसने खेलते-खेलते पड़ोसी की लालटेन तोड़ दी और डर के मारे सच नहीं बताया। To read more dadi maa ki kahaniya visit our channel  शाम को दादी माँ ने रामू को पास बुलाया और कहा, “बेटा, एक कहानी सुनाऊँ?” दादी माँ बोलीं— एक बार एक राजा के राज्य में अंधकार फैल गया। राजा ने कहा, जो व्यक्ति सच्चाई का दीपक जलाएगा, वही अंधकार मिटा पाएगा। बहुत लोग आए, लेकिन केवल एक ईमानदार बच्चे ने सच बोलकर दीपक जलाया। उसी पल पूरा राज्य रोशन हो गया। कहानी सुनकर रामू की आँखें भर आईं। उसने तुरंत दादी माँ को सच बता दिया। दादी माँ ने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरा और कहा, “सच बोलने से डर खत्म हो जाता है, बेटा।” रामू ने पड़ोसी से माफी माँगी। सबने उसे माफ कर दिया और रामू ने कभी झूठ न बोलने का वादा किया।  सीख सच्चाई हमेशा अंधेरे को दूर कर देती है। Add stories in hindi to your daily routine 

jadui kahani

  जादुई चिड़िया की कहानी एक छोटे से गाँव में मीरा नाम की एक दयालु लड़की रहती थी। उसे जानवरों से बहुत प्यार था। एक दिन जंगल में उसे एक घायल नीली चिड़िया मिली। मीरा उसे घर ले आई, दवा लगाई और प्यार से उसकी देखभाल की। To read more jadui kahani visit our channel  कुछ दिनों बाद चिड़िया ठीक हो गई। उड़ते समय उसने मीरा से कहा, “तुम बहुत अच्छी हो। मैं तुम्हें एक जादुई वरदान देती हूँ।” चिड़िया ने मीरा को एक जादुई पंख दिया और कहा, “जब भी तुम सच्चे मन से किसी की मदद करोगी, यह पंख चमकेगा और तुम्हारी इच्छा पूरी होगी।” मीरा ने उस पंख से कभी अपने लिए कुछ नहीं माँगा। वह हमेशा गाँव के लोगों की मदद करती रही। धीरे-धीरे गाँव खुशहाल बन गया। एक दिन चिड़िया फिर आई और बोली, “सच्चा जादू पंख में नहीं, तुम्हारे अच्छे दिल में है। ” यह कहकर चिड़िया उड़ गई और मीरा मुस्कुराती रह गई।  सीख: अच्छाई और दया सबसे बड़ा जादू है। Add fairy tales to your daily routine 

jadui kahaniya

   जादुई दीया एक छोटे से गाँव में राहुल नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन जंगल में लकड़ी काटते समय उसे मिट्टी में दबा हुआ एक पुराना दीया मिला। To read more jadui kahaniya visit our channel  राहुल ने दीये को साफ किया ही था कि उसमें से एक जादुई जिन्न प्रकट हुआ। जिन्न बोला, “मैं तुम्हें तीन वरदान दूँगा।” राहुल ने सोचा और बोला— “मुझे अक्ल , सच्चाई और सबकी मदद करने का मन चाहिए।” जिन्न मुस्कुराया और बोला, “तुमने सबसे अच्छा वर माँगा है।” कुछ समय बाद राहुल अपनी समझदारी और सच्चाई से पूरे गाँव की मदद करने लगा। लोग उसका सम्मान करने लगे। वह अमीर तो नहीं बना, लेकिन सबसे खुश इंसान बन गया।  सीख सच्चा जादू अक्ल, सच्चाई और भलाई में होता है। Add magical stories to your daily routine 

vrat katha

   गुरुवार व्रत कथा  प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक निर्धन ब्राह्मण रहता था। वह बहुत ईमानदार और भगवान विष्णु का भक्त था, लेकिन उसके घर में हमेशा अभाव रहता था। एक दिन किसी साधु ने उसे गुरुवार का व्रत रखने की सलाह दी और कहा कि श्रद्धा से कथा सुनो व पीले वस्त्र धारण करो। To read more vrat katha visit our channel  ब्राह्मण ने पूरे मन से गुरुवार का व्रत रखना शुरू किया। हर गुरुवार भगवान विष्णु की पूजा करता, पीले फूल चढ़ाता और कथा सुनता। कुछ समय बाद उसके घर में धीरे-धीरे सुख-समृद्धि आने लगी। उसकी गरीबी दूर हो गई, परिवार खुशहाल हो गया। नगर के एक लालची व्यक्ति ने यह देखकर ईर्ष्या में व्रत तो रखा, लेकिन श्रद्धा नहीं थी। उसने नियमों का पालन नहीं किया। परिणामस्वरूप उसे लाभ के स्थान पर हानि हुई। तब उसे समझ आया कि व्रत श्रद्धा और विश्वास से ही फल देता है । अंत में वह भी सच्चे मन से गुरुवार व्रत करने लगा और उसका जीवन भी सुखमय हो गया।  शिक्षा: सच्चे मन, श्रद्धा और नियम से किया गया व्रत ही फलदायी होता है। Add vinayak ji ki kahani to your daily routine 

ganesh ji ki katha

  भगवान गणेश जी की सरल कथा   एक समय की बात है। माता पार्वती ने अपने उबटन से एक बालक बनाया और उसमें प्राण फूंक दिए। उन्होंने उस बालक से कहा, “तुम द्वार पर खड़े रहो और मेरी आज्ञा के बिना किसी को अंदर न आने देना।” वह बालक पूरी निष्ठा से द्वार पर पहरा देने लगा। To read more ganesh ji ki katha visit our channel  कुछ समय बाद भगवान शिव वहाँ आए और भीतर जाना चाहा। बालक ने उन्हें रोक दिया। शिवजी को क्रोध आ गया और उन्होंने अपने त्रिशूल से बालक का सिर काट दिया। जब माता पार्वती को यह पता चला तो वे अत्यंत दुखी और क्रोधित हुईं। उन्होंने सृष्टि का विनाश करने का संकल्प लिया। तब भगवान शिव ने उन्हें शांत किया और कहा कि बालक को पुनः जीवित किया जाएगा। शिवजी ने अपने गणों को आदेश दिया कि जो भी पहला जीव उत्तर दिशा में मिले, उसका सिर ले आएँ। गणों को एक हाथी मिला और वे उसका सिर ले आए। शिवजी ने उस सिर को बालक के धड़ पर जोड़ दिया और उसे जीवनदान दिया। इस प्रकार गणेश जी का हाथी का सिर हुआ। भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि “तुम सबसे पहले पूजे जाओगे और विघ्नों को दूर करने वाले कहलाओगे।” तभी स...

hindu stories

  भक्त प्रह्लाद की कहानी बहुत समय पहले हिरण्यकशिपु नाम का एक शक्तिशाली राजा था। उसे वरदान मिला था कि वह न दिन में मरेगा, न रात में, न घर के अंदर, न बाहर, न मनुष्य से, न पशु से। इस कारण वह स्वयं को भगवान मानने लगा। To read more hindu stories visit our channel  लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का सच्चा भक्त था। राजा ने उसे बहुत समझाया, डराया और दंड दिया, पर प्रह्लाद की भक्ति अडिग रही। हिरण्यकशिपु ने उसे आग में जलवाया, पहाड़ से गिरवाया, विष पिलाया—लेकिन हर बार भगवान ने उसकी रक्षा की। अंत में भगवान विष्णु नरसिंह अवतार में प्रकट हुए—न मनुष्य, न पशु—और संध्या के समय, दरवाजे की चौखट पर हिरण्यकशिपु का अंत किया। इस प्रकार अहंकार का नाश हुआ और भक्ति की विजय हुई। संदेश: सच्ची भक्ति और विश्वास के आगे कोई शक्ति टिक नहीं सकती। अहंकार का अंत निश्चित है। Add jagannath ji ki katha to your daily routine 

bhagwan jagannath ki kahani

  भगवान जगन्नाथ की कथा बहुत समय पहले की बात है। ओडिशा के राजा इंद्रद्युम्न भगवान विष्णु के परम भक्त थे। उन्हें स्वप्न में संकेत मिला कि नीलांचल पर्वत पर भगवान नील माधव के रूप में प्रकट हैं। राजा ने उन्हें ढूँढने के लिए अपने सेवक विद्यापति को भेजा। To read more bhagwan jagannath ki kahani visit our channel  विद्यापति को वनवासी प्रमुख विश्ववसु मिले, जो नील माधव की पूजा करते थे। कठिन प्रयासों के बाद राजा स्वयं वहाँ पहुँचे, परंतु तब तक भगवान अंतर्धान हो चुके थे। राजा बहुत दुखी हुए और कठोर तप किया। तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने आकाशवाणी की— “तुम्हें मैं दारु ब्रह्म (लकड़ी के रूप) में दर्शन दूँगा।” समुद्र तट पर एक दिव्य लकड़ी प्राप्त हुई। उसी से भगवान जगन्नाथ , बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियाँ बनाई जानी थीं। एक दिव्य बढ़ई आया और शर्त रखी कि जब तक वह मूर्तियाँ बनाएगा, कोई द्वार न खोले। लेकिन अधीरता में द्वार खोल दिया गया और बढ़ई अदृश्य हो गया। इसी कारण भगवान जगन्नाथ की मूर्ति अधूरी रह गई—बड़े नेत्र, बिना हाथ-पैर—परंतु वही रूप भक्तों को अत्यंत प्रिय है। तब से भगवा...

bhakti kahani

   भक्ति की शक्ति  एक गाँव में मीरा नाम की एक साधारण महिला रहती थी। वह बहुत गरीब थी, लेकिन उसका हृदय भक्ति से भरा हुआ था। रोज़ सुबह वह उठकर भगवान कृष्ण का नाम लेती और पूरे मन से उनकी पूजा करती। To read more bhakti kahani visit our channel  मीरा के पास चढ़ाने के लिए न फल थे, न फूल। वह केवल प्रेम से भरा मन और सच्ची श्रद्धा ही अर्पित कर पाती थी। लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे और कहते थे, “ऐसी पूजा से क्या मिलेगा?” एक दिन गाँव में भयंकर अकाल पड़ा। सभी लोग दुखी थे। मीरा ने भगवान से प्रार्थना की, “हे प्रभु, यदि मेरी भक्ति सच्ची है, तो सबकी रक्षा कीजिए।” कुछ ही दिनों में ज़ोरदार बारिश हुई और खेत फिर से हरे-भरे हो गए। गाँव वालों को समझ आया कि सच्ची भक्ति दिखावे की नहीं, दिल की होती है । उस दिन के बाद सभी ने मीरा का सम्मान किया और भक्ति का सही अर्थ जाना।  शिक्षा: भगवान भोग नहीं, भाव देखते हैं। सच्चे मन से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। Add jagannath ji ki adbhut kahani to your daily routine 

jagannath ji ki katha

 भगवान जगन्नाथ जी की कथा  पुराने समय में ओड़िशा में इंद्रद्युम्न नामक एक महान राजा थे। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे। एक दिन उन्हें पता चला कि नीलांचल पर्वत पर नीलमाधव नाम से भगवान विष्णु स्वयं प्रकट होकर पूजे जाते हैं । राजा ने भगवान के दर्शन करने का निश्चय किया। To read more jagannath ji ki katha visit our channel  काफी खोज के बाद भगवान नीलमाधव के दर्शन तो हुए, लेकिन कुछ समय बाद वे अदृश्य हो गए । राजा बहुत दुखी हुए और कठोर तप करने लगे। तब आकाशवाणी हुई कि भगवान दारु ब्रह्म (लकड़ी के रूप) में प्रकट होंगे। कुछ समय बाद समुद्र से एक विशेष दिव्य लकड़ी प्राप्त हुई। उसी समय एक वृद्ध बढ़ई आया और बोला कि वह भगवान की मूर्ति बनाएगा, लेकिन शर्त रखी कि जब तक मूर्ति बने, कोई द्वार न खोले । राजा ने शर्त स्वीकार की। कई दिनों तक अंदर से काम की आवाज आती रही, लेकिन एक दिन आवाज बंद हो गई। रानी के कहने पर राजा ने द्वार खोल दिया। वृद्ध बढ़ई अदृश्य हो चुका था और मूर्तियाँ अधूरी थीं—बिना हाथ-पैर के। राजा दुखी हुए, तभी आकाशवाणी हुई— “यही मेरा स्वरूप है। इसी रूप में मैं जगन्नाथ कहला...

garbh katha

  गर्भ कथा – “गर्भ में शिक्षित शिशु” एक समय की बात है, एक गर्भ में शिशु अपने माता-पिता से बातें कर रहा था। उसने माँ से पूछा, “माँ, बाहर की दुनिया कैसी है?” To read more garbh katha visit our channel  माँ ने प्यार से कहा, “बाहर की दुनिया बहुत सुंदर है, लेकिन वहां कुछ अच्छे और कुछ बुरे लोग भी हैं। तुम्हें वहां अच्छाई अपनानी होगी और बुराई से दूर रहना होगा।” फिर शिशु ने पूछा, “पापा, मुझे ज्ञान और साहस कैसे मिलेगा?” पिता ने मुस्कुराकर कहा, “तुम्हें हमेशा सच्चाई और धैर्य के मार्ग पर चलना होगा। अपने विचार अच्छे रखो, शब्द अच्छे बोलो और कर्म अच्छे करो। यही तुम्हें शक्ति और ज्ञान देगा।” शिशु ने फिर पूछा, “अगर मैं डर जाऊँ या परेशान हो जाऊँ तो?” माँ ने कहा, “डरने की जरूरत नहीं। जब भी कठिनाई आए, ईश्वर की शरण में जाओ और अपनी बुद्धि से सही मार्ग चुनो। याद रखो, जो अच्छाई करता है, उसका जीवन हमेशा सुखी होता है।” गर्भ में रहते हुए शिशु ने अपने माता-पिता की बातों को ध्यान से सुना और उनसे सीख लिया। जब वह जन्मा, तो उसके भीतर अच्छाई, साहस और ज्ञान की बीज पहले से ही अंकुरित हो चुके थे...

garbh geeta

  गर्भ गीता एक अद्भुत संदेश है जो गर्भ में पल रहे शिशु (भ्रूण) और माता के बीच की आध्यात्मिक बातचीत पर आधारित है। यह गीता माता के गर्भ में जीवन, कर्म, धर्म और आत्मा के ज्ञान को समझाने का माध्यम मानी जाती है। To read more garbh geeta visit our channel  सरल शब्दों में, गर्भ गीता का मुख्य संदेश यह है कि: जीवन और जन्म – प्रत्येक जीव का जन्म किसी उद्देश्य से होता है। हर आत्मा अपने कर्मों और पूर्व जन्मों के अनुसार इस संसार में आती है। धर्म और कर्म – जीवन में सही कर्म करना और धर्म का पालन करना आवश्यक है। माता-पिता और गुरु का मार्गदर्शन शिशु के जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। अहंकार और ईगो – आत्मा अनश्वर है, शरीर नश्वर। इसलिए अहंकार और लालच से दूर रहना चाहिए। भक्ति और ध्यान – शिशु को माता के गर्भ में ही भक्ति और साधना का अनुभव होता है। यह जीवन की आध्यात्मिक नींव रखता है। सच्चाई और ज्ञान – गर्भ में ही शिशु को जीवन की सच्चाई, धर्म और आध्यात्मिक ज्ञान समझाया जाता है, जिससे जन्म के बाद उसका जीवन पुण्य और ज्ञान से भरपूर हो। Add garbh sanskar to your daily routine 

budhwar vrat katha

  बुधवार व्रत कथा (सरल हिंदी में) प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक गरीब लेकिन ईमानदार व्यापारी रहता था। उसके पास धन नहीं था, पर उसका स्वभाव बहुत अच्छा था। वह हर काम सच्चाई और मेहनत से करता था, फिर भी उसे व्यापार में हमेशा नुकसान होता था। To read more budhwar vrat katha visit our channel  एक दिन किसी साधु ने उसे बुधवार व्रत रखने की सलाह दी और कहा— “बुधवार के दिन भगवान गणेश जी और बुध देव की पूजा करो, हरी वस्तुओं का दान करो और सच्चे मन से व्रत रखो।” व्यापारी ने साधु की बात मान ली। उसने बुधवार को प्रातः स्नान कर हरे वस्त्र पहने, गणेश जी की पूजा की, हरे मूंग का दान किया और दिन भर सत्य व संयम से रहा। उसने यह व्रत लगातार कई बुधवार तक किया। कुछ समय बाद उसकी किस्मत बदलने लगी। व्यापार में लाभ होने लगा, घर में सुख-शांति आई और उसके सभी कष्ट दूर हो गए। उसे समझ आ गया कि यह सब बुध देव और गणेश जी की कृपा से संभव हुआ है। तब से वह और उसका परिवार श्रद्धा से बुधवार व्रत करने लगे। कथा से सीख: बुधवार व्रत बुद्धि, व्यापार, वाणी और जीवन में सफलता प्रदान करता है। सच्चे मन और श्रद्धा स...

budhwar ki kahani

  बुधवार की व्रत कथा (Budhwar Ki Kahani) प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक गरीब लेकिन सच्चा व्यक्ति रहता था। वह हर कार्य ईमानदारी और सच्चाई से करता था, फिर भी उसके जीवन में हमेशा धन और सुख की कमी रहती थी। To read more budhwar ki kahani visit our channel  एक दिन किसी साधु ने उससे कहा, “तुम बुधवार का व्रत रखो और भगवान बुध देव की श्रद्धा से पूजा करो। तुम्हारे कष्ट दूर होंगे।” उस व्यक्ति ने साधु की बात मान ली। उसने बुधवार को हरे वस्त्र धारण किए, हरे मूंग का दान किया और सच्चे मन से बुध देव की पूजा करने लगा। वह हर बुधवार व्रत कथा सुनता और किसी से छल-कपट नहीं करता। कुछ समय बाद उसके जीवन में परिवर्तन आने लगा। व्यापार में लाभ होने लगा, घर में सुख-शांति आई और बुद्धि भी तेज हो गई। वह समझ गया कि यह सब बुध देव की कृपा से संभव हुआ है। तब से वह और उसका परिवार पूरे श्रद्धा भाव से बुधवार का व्रत करने लगे। कथा से सीख सच्चाई और धैर्य का फल अवश्य मिलता है बुध देव बुद्धि, व्यापार और वाणी को मजबूत करते हैं श्रद्धा से किया गया व्रत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है Add budhwa...

shani dev

   शनि देव की कथा शनि देव सूर्य देव और छाया माता के पुत्र हैं। वे न्याय के देवता माने जाते हैं। शनि देव हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अच्छे कर्म करने वालों पर उनकी कृपा होती है और बुरे कर्म करने वालों को दंड मिलता है। To read more shani dev visit our channel  एक बार राजा विक्रमादित्य को शनि की साढ़ेसाती लगी। शनि देव के प्रभाव से राजा को बहुत कष्ट झेलने पड़े। राज्य चला गया, अपमान सहना पड़ा और कठिन जीवन व्यतीत करना पड़ा। फिर भी राजा ने सत्य, धैर्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। जब साढ़ेसाती समाप्त हुई, शनि देव प्रकट हुए और बोले— “राजन, तुमने कष्ट में भी अधर्म नहीं किया। यही कारण है कि अब तुम्हें पहले से भी अधिक सम्मान और वैभव मिलेगा।” शनि देव की कृपा से राजा विक्रमादित्य का राज्य वापस मिला और वे पहले से भी महान बने।  शिक्षा शनि देव दंड नहीं, न्याय देते हैं बुरे कर्मों का फल कष्ट है अच्छे कर्म, धैर्य और सत्य से शनि देव प्रसन्न होते हैं Add shaniwar ki kahani to your daily routine 

shani dev ki katha

  शनि देव की कथा शनि देव सूर्य देव और छाया देवी के पुत्र थे। वे कर्मों के देवता माने जाते हैं। शनि देव हर व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। वे किसी के साथ पक्षपात नहीं करते। To read more shani dev ki katha visit our channel  एक बार राजा विक्रमादित्य बहुत ही न्यायप्रिय और धर्मपरायण थे। उन्हें अपने न्याय पर गर्व था। शनि देव ने राजा के अहंकार को दूर करने के लिए उनकी परीक्षा लेने का निश्चय किया। शनि की साढ़ेसाती शुरू होते ही राजा पर संकट आने लगे। उनका राज्य छिन गया, उन्हें जंगलों में भटकना पड़ा और अनेक कष्ट सहने पड़े। इतनी कठिनाइयों के बावजूद राजा विक्रमादित्य ने सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने धैर्य रखा और कभी गलत कार्य नहीं किया। समय पूरा होने पर शनि देव प्रसन्न हुए और राजा के सभी कष्ट दूर कर दिए। राजा को फिर से उनका राज्य मिला और वे पहले से भी अधिक विनम्र हो गए। शनि देव ने राजा से कहा, “जो व्यक्ति धैर्य, सत्य और कर्म के मार्ग पर चलता है, उसे अंत में अवश्य शुभ फल मिलता है।” कथा से सीख शनि देव दंड नहीं, न्याय देते हैं अच्छे कर्...

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  सच्चाई की जीत एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ईमानदार था। एक दिन उसे रास्ते में एक थैली मिली, जिसमें बहुत से सिक्के थे। रामू चाहें तो उन्हें रख सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। To read more kahaniya hindi visit our channel  वह सीधा गाँव के मुखिया के पास गया और थैली उन्हें सौंप दी। थोड़ी देर बाद एक व्यापारी वहाँ आया और बोला कि उसकी थैली खो गई है। जब थैली दिखाई गई तो व्यापारी बहुत खुश हुआ। उसने रामू को इनाम देना चाहा, लेकिन रामू ने कहा, “मैंने अपना कर्तव्य निभाया है, इनाम नहीं चाहिए।” मुखिया ने रामू की ईमानदारी की प्रशंसा की और पूरे गाँव ने उससे सीख ली। सीख: सच्चाई और ईमानदारी हमेशा जीतती है। Add kahani to your daily routine 

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  कर्म का फल एक गाँव में रामदास नाम का एक गरीब किसान रहता था। वह बहुत मेहनती और ईमानदार था। रोज़ खेत में काम करता और जो मिलता, उसी में संतुष्ट रहता। To read more katha kahani visit our channel  एक दिन उसे खेत में सोने की एक छोटी थैली मिली। रामदास समझ गया कि यह किसी की होगी। उसने सोचा, “यह मेरा नहीं है, मुझे इसे लौटाना चाहिए।” उसने गाँव में सबको बुलाकर थैली के बारे में बताया। तभी एक सेठ आगे आए और बोले, “यह मेरी ही है, मैं रास्ते में गिरा बैठा था।” सेठ ने रामदास की ईमानदारी से खुश होकर उसे इनाम देना चाहा, लेकिन रामदास ने विनम्रता से मना कर दिया। सेठ ने कहा, “तुम जैसे लोग ही समाज की असली पूँजी हैं।” बाद में सेठ ने रामदास की मदद से उसकी खेती के लिए बीज और बैल दिलवा दिए। रामदास की मेहनत रंग लाई और उसकी जिंदगी खुशहाल हो गई। सीख: ईमानदारी और अच्छे कर्मों का फल हमेशा अच्छा ही मिलता है। Add ktha to your daily routine