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Showing posts from December, 2025

jadui kahani

  जादुई पेंसिल बहुत समय पहले, एक छोटे से गाँव में रीना नाम की एक लड़की रहती थी। रीना को चित्र बनाना बहुत पसंद था, लेकिन उसके पास अच्छे रंग और पेंसिल नहीं थे। To read more jadui kahani visit our channel  एक दिन, वह जंगल में खेलते-खेलते एक अजीब सी चमकती हुई पेंसिल देखी। उसने वह पेंसिल उठाई और घर ले आई। जब रीना ने उस पेंसिल से कोई चीज़ बनाई, तो वह सच में जीवित हो गई! उसने एक सुंदर तितली बनाई, और वह तुरंत उड़ गई। उसने एक छोटे खरगोश का चित्र बनाया, और खरगोश उसके कमरे में कूद पड़ा। रीना बहुत खुश हुई, लेकिन उसने सोचा, “अगर मैं इसका गलत इस्तेमाल करूँ तो बहुत समस्या हो सकती है।” अगले दिन, गाँव में सबको मदद करने के लिए रीना ने उस पेंसिल का इस्तेमाल किया। उसने सूखे कुएँ में पानी का जादुई झरना बनाया, और गाँव के बच्चों के लिए खिलौने बनाए। गाँव वाले बहुत खुश हुए। रीना ने सीखा कि जादुई ताकत सिर्फ़ अच्छे कामों के लिए ही सही होती है। और पेंसिल? वह अब भी रीना के साथ है, हर दिन कुछ नया जादू करने के लिए। Add fairy tales to your daily routine 

jadui kahaniya

   जादुई दिया  बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गाँव में राधा नाम की एक गरीब लेकिन नेक दिल लड़की रहती थी। एक दिन जंगल में लकड़ी चुनते समय उसे एक पुराना मिट्टी का दिया मिला। To read more jadui kahaniya visit our channel  जैसे ही राधा ने दिया साफ किया, दिया चमक उठा और उसमें से एक जादुई आवाज़ आई— “मैं जादुई दिया हूँ। जो भी सच्चे दिल से माँगेगा, उसकी मदद करूँगा।” राधा ने धन या सोना नहीं माँगा। उसने कहा, “मेरे गाँव के लोग खुश और स्वस्थ रहें।” दिए की रोशनी पूरे गाँव में फैल गई। बीमार ठीक हो गए, खेत हरे-भरे हो गए। गाँव में खुशहाली आ गई। कुछ समय बाद राजा को इस जादू का पता चला। उसने राधा से दिया माँग लिया। राजा ने लालच में बहुत धन माँगा, लेकिन दिया बुझ गया। दिया फिर से राधा के हाथ में आया तो वह दोबारा चमक उठा। सीख: सच्चे मन और निस्वार्थ भाव में ही असली जादू होता है। Add magical stories to your daily routine 

vrat katha

  गुरुवार व्रत कथा प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक निर्धन ब्राह्मण रहता था। वह बहुत ईमानदार और भगवान विष्णु का भक्त था, लेकिन गरीबी के कारण उसका जीवन कष्टों से भरा था। किसी ने उसे गुरुवार का व्रत करने की सलाह दी। To read more vrat katha visit our channel  ब्राह्मण ने पूरे विधि-विधान से गुरुवार का व्रत रखना शुरू किया। वह हर गुरुवार भगवान विष्णु की पूजा करता, पीले वस्त्र धारण करता और पीले अन्न का दान करता। कुछ समय बाद उसके जीवन में परिवर्तन आने लगा। घर में सुख-शांति बढ़ी और धन-धान्य की प्राप्ति हुई। उसी नगर में एक धनवान व्यक्ति भी रहता था, लेकिन वह घमंडी था और किसी की सहायता नहीं करता था। उसने ब्राह्मण की उन्नति देखकर ईर्ष्या में आकर गुरुवार का व्रत तो किया, लेकिन मन से नहीं। परिणामस्वरूप उसका धन नष्ट होने लगा। तब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना की और गुरुवार व्रत को श्रद्धा से करने लगा। भगवान की कृपा से उसका भी जीवन सुखमय हो गया। शिक्षा: सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास से किया गया व्रत ही फल देता है। Add v inayak ji ki kahani to yo...

ganesh ji ki katha

   गणेश जी की कथा  बहुत समय पहले की बात है। माता पार्वती ने स्नान करते समय अपने शरीर के उबटन से एक बालक बनाया और उसमें प्राण फूंक दिए। उस बालक का नाम रखा गया गणेश । माता पार्वती ने उसे द्वार पर पहरा देने को कहा और स्वयं स्नान करने चली गईं। To read more ganesh ji ki katha visit our channel  उसी समय भगवान शिव वहाँ आए। गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। भगवान शिव को यह अच्छा नहीं लगा और उन्होंने क्रोध में आकर गणेश जी का सिर काट दिया। जब माता पार्वती बाहर आईं और यह दृश्य देखा तो वे अत्यंत दुखी हो गईं। उन्होंने सृष्टि नष्ट करने की चेतावनी दी। भगवान शिव ने माता पार्वती को शांत करने के लिए वचन दिया कि गणेश को फिर से जीवित किया जाएगा। उन्होंने अपने गणों को भेजा और कहा—“जिसका सिर उत्तर दिशा की ओर हो, उसका सिर ले आओ।” गण एक हाथी का सिर लेकर आए। शिव जी ने उस सिर को गणेश के धड़ से जोड़ दिया और उन्हें जीवनदान दिया। इसके बाद भगवान शिव ने गणेश जी को वरदान दिया कि— सबसे पहले पूजा तुम्हारी होगी तुम विघ्नहर्ता कहलाओगे बुद्धि, विद्या और शुभता के देव बनोगे तभी से गणेश जी को ...

hindu stories

 प्रह्लाद की भक्ति की कथा  बहुत समय पहले हिरण्यकश्यप नाम का एक अत्याचारी राजा था। वह चाहता था कि सभी लोग उसी को भगवान मानें। लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का सच्चा भक्त था। To read more hindu stories visit our channel  राजा ने प्रह्लाद को समझाया, डराया और कई बार दंड भी दिया, पर प्रह्लाद की भक्ति नहीं डगमगाई। उसे आग में जलाने, ऊँचे पर्वत से गिराने और विष देने जैसे अनेक प्रयास किए गए, लेकिन हर बार भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की। अंत में हिरण्यकश्यप ने क्रोध में पूछा – “क्या तुम्हारा भगवान इस खंभे में भी है?” प्रह्लाद ने कहा – “हाँ, भगवान हर जगह हैं।” तभी उस खंभे से नरसिंह भगवान प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप का अंत किया। प्रह्लाद की भक्ति की जीत हुई।  शिक्षा: सच्ची भक्ति और विश्वास से भगवान हमेशा रक्षा करते हैं। Add jagannath ji ki katha to your daily routine 

bhagwan jagannath ki kahani

  भगवान जगन्नाथ की कहानी बहुत समय पहले ओडिशा के पुरी नगर में इंद्रद्युम्न नामक एक प्रतापी राजा राज्य करते थे। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे। एक दिन उन्हें स्वप्न में संकेत मिला कि नीलाचल पर्वत पर नीलमाधव नाम से भगवान प्रकट हैं । राजा उन्हें पाने के लिए व्याकुल हो उठे। To read more bhagwan jagannath ki kahani visit our channel  राजा ने अपने दूत विद्यापति को नीलमाधव का पता लगाने भेजा। बहुत प्रयास के बाद विद्यापति को भगवान नीलमाधव के दर्शन हुए। जब राजा वहाँ पहुँचे, तब भगवान अंतर्धान हो चुके थे। राजा दुःखी होकर तप करने लगे। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने आदेश दिया कि समुद्र से निकली पवित्र लकड़ी से उनकी मूर्ति बनाई जाए। उसी समय एक दिव्य बढ़ई प्रकट हुआ। उसने शर्त रखी कि मूर्तियाँ बनाते समय कोई उसे देखे नहीं। कुछ दिन बाद अधीर होकर राजा ने दरवाज़ा खोल दिया। बढ़ई अंतर्धान हो गया और मूर्तियाँ अधूरी रह गईं । इसी रूप में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की स्थापना हुई। भगवान ने कहा— “मैं इसी रूप में अपने भक्तों के बीच सदा निवास करूँगा।” तभी से पुरी में ...

bhakti kahani

  भक्ति की शक्ति एक गाँव में रामदास नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसके पास धन नहीं था, लेकिन उसके मन में भगवान के प्रति सच्ची भक्ति थी। वह रोज़ सुबह उठकर भगवान का नाम लेता और अपने काम में लग जाता। To read more bhakti kahani visit our channel  एक दिन गाँव में भयंकर सूखा पड़ा। फसलें नष्ट हो गईं और लोग निराश हो गए। रामदास के पास भी खाने को बहुत कम बचा था, फिर भी वह रोज़ भगवान से यही प्रार्थना करता—“हे प्रभु, सबका भला करना।” एक रात भगवान ने रामदास को स्वप्न में दर्शन दिए और कहा, “तुम्हारी सच्ची भक्ति से मैं प्रसन्न हूँ।” अगले ही दिन गाँव के पास से एक नदी का पानी खेतों तक पहुँच गया। सूखा समाप्त हो गया और फसलें फिर से लहलहाने लगीं। गाँव वालों को समझ आ गया कि सच्ची भक्ति चमत्कार कर सकती है। शिक्षा: सच्चे मन से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। Add jagannath ji ki adbhut kahani to your daily routine 

jagannath ji ki katha

  भगवान जगन्नाथ जी की कथा बहुत प्राचीन समय की बात है। उड़ीसा (ओडिशा) के राजा इंद्रद्युम्न भगवान विष्णु के परम भक्त थे। उन्होंने भगवान के दिव्य रूप के दर्शन करने की इच्छा से एक भव्य मंदिर बनवाने का संकल्प लिया। एक दिन उन्हें स्वप्न में भगवान विष्णु ने दर्शन दिए और बताया कि वे नीलाचल में नीलमाधव के रूप में प्रकट हैं। To read more jagannath ji ki katha visit our channel  राजा ने अपने सेवक विद्यानिधि को नीलमाधव की खोज में भेजा। बहुत प्रयास के बाद विद्यानिधि को सबर जाति के प्रमुख विश्ववसु के पास नीलमाधव के दर्शन हुए। राजा इंद्रद्युम्न स्वयं वहाँ पहुँचे, लेकिन तब तक नीलमाधव अंतर्धान हो चुके थे। तब आकाशवाणी हुई कि भगवान अब दारु (लकड़ी) के रूप में प्रकट होंगे। कुछ समय बाद समुद्र तट पर एक दिव्य लकड़ी का लठ्ठा (दारु ब्रह्म) प्राप्त हुआ। उसी समय एक वृद्ध बढ़ई के वेश में भगवान विश्वकर्मा आए और शर्त रखी कि वे मूर्तियाँ बंद कक्ष में बनाएँगे और काम पूरा होने से पहले दरवाज़ा नहीं खोला जाएगा। राजा ने शर्त मान ली। काफी दिन बीत गए, भीतर से कोई आवाज़ नहीं आई। रानी की चिंता के कारण दरवाज़...

kahaniya

 सच्चाई की जीत  एक गाँव में मोहन नाम का एक छोटा लड़का रहता था। वह बहुत ईमानदार और सच्चा था। एक दिन उसे रास्ते में एक बटुआ मिला। बटुए में पैसे और एक पहचान पत्र था। To read more kahaniya visit our channel  मोहन चाहता तो पैसे रख सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। वह सीधे गाँव के मुखिया के पास गया और बटुआ उन्हें दे दिया। मुखिया ने पहचान पत्र देखकर बटुए के मालिक को बुलवाया। बटुए के मालिक ने मोहन की ईमानदारी देखकर उसे इनाम देना चाहा, लेकिन मोहन ने कहा, “मैंने तो बस अपना फर्ज निभाया है।” गाँव के सभी लोग मोहन की तारीफ करने लगे। उसके माता-पिता को भी उस पर बहुत गर्व हुआ।  शिक्षा: सच्चाई और ईमानदारी हमेशा सम्मान दिलाती है। Add moral stories to your daily routine 

hindi kahani

  ईमानदारी का फल एक गाँव में रामू नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन वह जंगल से लकड़ियाँ लेकर बाजार जा रहा था। रास्ते में उसे एक थैला मिला। थैले में बहुत सारे सिक्के और गहने थे। To read more hindi kahani visit our channel  रामू चाहें तो वह थैला अपने पास रख सकता था, लेकिन उसका मन नहीं माना। उसने सोचा, “यह किसी का खोया हुआ धन है।” वह सीधे गाँव के मुखिया के पास गया और थैला उन्हें दे दिया। थोड़ी देर बाद एक व्यापारी आया और बोला कि उसका थैला रास्ते में गिर गया है। जब थैला खोला गया, तो सारा सामान सही था। व्यापारी रामू की ईमानदारी से बहुत खुश हुआ और उसे इनाम दिया। रामू ने खुशी-खुशी इनाम स्वीकार किया और मन ही मन खुश हुआ कि उसने सही काम किया। सीख: ईमानदारी हमेशा अच्छा फल देती है। Add naitik kahani to your daily routine 

stories in hindi

  ईमानदारी का फल एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक गरीब लकड़हारा रहता था। वह रोज़ जंगल जाकर लकड़ी काटता और उसे बेचकर अपना जीवन चलाता था। एक दिन लकड़ी काटते समय उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। रामू बहुत दुखी हुआ और भगवान से प्रार्थना करने लगा। To read more stories in hindi   visit our channel  तभी नदी से एक देवदूत प्रकट हुआ। उसने पहले सोने की कुल्हाड़ी दिखाकर पूछा, “क्या यह तुम्हारी है?” रामू ने ईमानदारी से कहा, “नहीं।” फिर देवदूत ने चाँदी की कुल्हाड़ी दिखाई। रामू ने फिर कहा, “यह भी मेरी नहीं है।” अंत में देवदूत ने लोहे की कुल्हाड़ी दिखाई। रामू बोला, “हाँ, यही मेरी है।” रामू की ईमानदारी से प्रसन्न होकर देवदूत ने उसे तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं। सीख: ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है। Add moral story to your daily routine 

naitik kahaniyan

  1. ईमानदारी का फल रामू एक गरीब लकड़हारा था। एक दिन उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। वह रोने लगा। तभी नदी देवी प्रकट हुईं और सोने, चाँदी और लोहे की कुल्हाड़ी दिखाईं। रामू ने सच्ची कुल्हाड़ी पहचान ली। उसकी ईमानदारी से प्रसन्न होकर देवी ने तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं। सीख: ईमानदारी का हमेशा फल मिलता है। To read more naitik kahaniyan visit our channel  2. घमंड का अंत एक घमंडी मोर अपनी सुंदरता पर इतराता था और कौए का मज़ाक उड़ाता था। एक दिन मोर उड़ नहीं पाया, जबकि कौआ आसानी से उड़ गया। मोर को अपनी गलती समझ आई। सीख: घमंड मनुष्य को नीचे गिरा देता है। 3. सच्चा मित्र दो मित्र जंगल से गुजर रहे थे। एक भालू आ गया। एक मित्र पेड़ पर चढ़ गया, दूसरा ज़मीन पर लेट गया। भालू चला गया। पेड़ से उतरकर मित्र ने पूछा—भालू ने क्या कहा? उसने कहा—"जो संकट में साथ न दे, वह सच्चा मित्र नहीं।" सीख: सच्चा मित्र वही जो मुसीबत में साथ दे। 4. मेहनत की जीत एक किसान के दो बेटे थे। एक मेहनती, दूसरा आलसी। मेहनती बेटा खेत में परिश्रम करता था और अच्छी फसल पाता था। आलसी को अंत में अपनी गलती समझ आई। स...

hindi stories

  ईमानदारी का फल एक गाँव में मोहन नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन उसे रास्ते में एक थैली मिली। थैली में बहुत सारे सोने के सिक्के थे। मोहन चाहें तो उन्हें अपने पास रख सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। To read more hindi stories visit our channel  मोहन ने गाँव में जाकर सबको बताया कि उसे थैली मिली है। थोड़ी देर बाद एक व्यापारी आया और बोला, “यह मेरी थैली है।” मोहन ने बिना किसी लालच के थैली उसे लौटा दी। व्यापारी मोहन की ईमानदारी से बहुत खुश हुआ। उसने मोहन को इनाम दिया और उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने का वादा किया। मोहन की जिंदगी बदल गई। सीख: ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है। Add moral story in hindi to your daily routine 

dadi maa ki kahani

दादी माँ की कहानी बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गाँव में नन्ही गुड़िया अपनी दादी माँ के साथ रहती थी। हर रात सोने से पहले दादी माँ एक प्यारी कहानी सुनाती थीं। To read more dadi maa ki kahani visit our channel  एक दिन गुड़िया ने पूछा, “दादी माँ, सबसे बड़ी ताकत क्या होती है?” दादी माँ मुस्कुराईं और बोलीं, “बेटी, सबसे बड़ी ताकत सच्चाई और धैर्य है।” फिर दादी माँ ने कहानी सुनाई— एक जंगल में एक छोटा सा दीपक था। तेज़ आँधी और बारिश आती, सब डर जाते, लेकिन वह छोटा दीपक शांत रहता और लगातार जलता रहता। धीरे-धीरे उसकी रोशनी से रास्ता दिखने लगा और सब सुरक्षित अपने घर पहुँच गए। दादी माँ ने समझाया, “बेटी, जीवन में मुश्किलें आएँगी, लेकिन जो धैर्य रखता है और सच्चाई के साथ चलता है, वही सबको रास्ता दिखाता है।” गुड़िया ने दादी माँ को गले लगाया और बोली, “दादी माँ, मैं भी हमेशा सच्ची और धैर्यवान बनूँगी।” और दादी माँ की लोरी सुनते-सुनते गुड़िया मीठी नींद में सो गई। सीख: सच्चाई और धैर्य जीवन की सबसे बड़ी ताकत हैं।   Add moral stories to your daily routine 

bedtime stories

  The Little Star Who Loved to Listen High above the world, in a quiet night sky, lived a little star named Twinkly . Twinkly was smaller than the other stars, but she had the brightest heart. To read more bedtime stories visit our channel  Every night, while other stars shone proudly, Twinkly liked to listen . She listened to babies giggling, mothers singing lullabies, and children whispering bedtime wishes. One night, Twinkly heard a little boy say, “I wish I wasn’t scared of the dark.” Twinkly felt warm inside. She decided to help. She shone a little brighter and whispered softly, “The dark is just the sky resting.” The boy looked out of his window, saw Twinkly sparkle, and smiled. He felt safe and soon fell asleep. From that night on, Twinkly listened carefully and shone gently for every child who needed comfort. And that is why, when you look at the night sky, one small star always seems to smile just for you. Add hindi kahani to your daily routine ...

dadi maa ki kahaniya

 दादी माँ की कहानी: सच्चाई का दीपक एक गाँव में मोहन नाम का एक छोटा लड़का रहता था। वह बहुत गरीब था, लेकिन ईमानदार था। एक दिन उसे रास्ते में एक थैली मिली। थैली में बहुत सारे सोने के सिक्के थे। To read more dadi maa ki kahaniya visit our channel  मोहन खुश तो हुआ, लेकिन बोला, “यह मेरे नहीं हैं, मुझे इसके मालिक को ढूँढना चाहिए।” वह थैली लेकर गाँव के चौपाल पहुँचा और ज़ोर से बोला, “यह थैली जिसकी है, वह आकर ले जाए।” थोड़ी देर बाद एक अमीर सेठ आया और बोला, “यह मेरी थैली है, लेकिन इसमें 50 सिक्के थे, अब इसमें केवल 40 हैं। तुमने 10 चुरा लिए!” मोहन डर गया, लेकिन उसने सच कहा, “सेठ जी, मैंने एक भी सिक्का नहीं लिया।” गाँव के बुज़ुर्ग ने कहा, “जिसका दिल सच्चा होता है, भगवान उसकी रक्षा करते हैं।” उन्होंने सेठ की थैली खोलकर गिनी— वाकई उसमें 40 ही सिक्के थे। तब बुज़ुर्ग बोले, “जिसकी थैली में 50 सिक्के थे, वह यह नहीं हो सकती। यह थैली मोहन को मिलेगी।” सेठ शर्मिंदा हो गया और माफी माँगी। सीख: सच्चाई हमेशा जीतती है और ईमानदारी सबसे बड़ा धन है। Add stories in hindi to your daily rou...

garbh katha

 यह रही एक लोकप्रिय गर्भ कथा जो माता-पिता और बच्चों दोनों के लिए लाभकारी मानी जाती है। यह कथा सुनने या पढ़ने से गर्भस्थ शिशु पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और माता का मन भी प्रसन्न रहता है। To read more garbh katha visit our channel  गर्भ कथा – माता और शिशु की सुरक्षा के लिए बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में सावित्री नाम की महिला रहती थी। सावित्री बहुत भक्ति और धर्म में विश्वास करती थी। जब वह गर्भवती हुई, तो उसने अपने बच्चे के लिए अच्छे संस्कार और खुशियाँ चाही। सावित्री रोज़ अपने घर के मंदिर में जाकर भगवान शिव और माँ पार्वती की पूजा करती। वह गर्भस्थ बच्चे से भी बात करती, उसे अच्छी बातें सुनाती, और रोज़ उसे सच्चाई, दया, और प्रेम की शिक्षा देती। एक दिन सावित्री ने अपने घर के बुजुर्गों से सुना कि गर्भस्थ शिशु माता के भाव और बातें समझ सकता है। उसने सोचा, "मैं अपने बच्चे को अच्छे संस्कार दूँगी।" वह रोज़ कहती, "मेरे प्यारे बच्चे, तुम्हें सच्चाई और धर्म का मार्ग दिखाऊँगी। तुम जीवन में अच्छे कर्म करोगे। हमेशा माता-पिता की इज्जत और गुरु का आदर करना।" समय के साथ,...

garbh geeta

 बुधवार का व्रत भगवान बुध को समर्पित होता है। इसे करने से बुद्धि, विद्या, व्यापार में सफलता और जीवन की परेशानियाँ कम होती हैं। यहाँ बुधवार व्रत कथा सरल रूप में प्रस्तुत है: To read more garbh geeta visit our channel  बुधवार व्रत कथा बहुत समय पहले की बात है, एक ब्राह्मण थे जिनका नाम विद्याधर था। वे बहुत ही ईमानदार और धार्मिक स्वभाव के थे। उनका व्यवसाय छोटा था, लेकिन वे हमेशा संतोषी रहते थे। एक दिन, ब्राह्मण ने सुना कि बुधवार को शुद्ध जल और हरी वस्तुएँ अर्पित करके भगवान बुध की पूजा करने से धन, बुद्धि और संतोष मिलता है। उन्होंने निश्चय किया कि वे इस व्रत को करेंगे। ब्राह्मण ने हर बुधवार सुप्रभात स्नान के बाद हरी वस्तुएँ, हरी सब्जियाँ और हरा कपड़ा भगवान बुध को अर्पित किया। उन्होंने व्रत का पालन कठोरता से किया और किसी भी गलत कार्य से खुद को दूर रखा। कुछ ही समय बाद, ब्राह्मण के व्यापार में वृद्धि हुई। उनके घर में सुख-शांति और धन की वर्षा होने लगी। ब्राह्मण की बुद्धि बढ़ी और वे अपने गाँव में सभी के लिए मार्गदर्शक बन गए। तब से लोग मानते हैं कि बुधवार का व्रत करने से बुध ग्र...

budhwar ki kahani

बुधवार व्रत कथा एक समय की बात है, एक गाँव में रमा नाम की महिला रहती थी। रमा बहुत ही श्रद्धालु और ईमानदार थी। उसके पति की नौकरी ठीक नहीं चल रही थी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब थी। उसने सुना कि बुधवार के दिन बुध देव की पूजा करने से बुद्धि, विद्या और व्यापार में लाभ होता है। To read more budhwar ki kahani visit our channel  रमा ने निश्चय किया कि वह बुधवार का व्रत रखेगी। उसने बुधवार के दिन उपवास रखा, शुद्ध जल से नहाई और साफ-सुथरे वस्त्र धारण किए। सुबह-सुबह उसने भगवान बुध की पूजा की और लाल वस्त्र और हरे रंग के फूल अर्पित किए। रमा की भक्ति देखकर बुध देव प्रसन्न हुए। उन्होंने रमा के परिवार को संपन्नता और खुशहाली का वरदान दिया। धीरे-धीरे रमा के पति का काम ठीक होने लगा और उनका परिवार खुशहाल हो गया। कथा से यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची भक्ति और नियमपूर्वक व्रत करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।  Add budhwar ki katha to your daily routine 

shani dev

 शनि देव हिन्दू धर्म के प्रमुख ग्रह देवता हैं और नवग्रहों में से एक हैं। उन्हें न्याय का देवता माना जाता है, जो कर्मों के अनुसार फल देने वाले हैं। शनि ग्रह का संबंध कर्म, कठिनाई, परीक्षा और अनुशासन से है। To read more shani dev visit our channel  शनि देव की विशेषताएँ: माता-पिता: सूर्य और छाया की पत्नी छाया से जन्म। वाहन: काला कोयल या काला कुत्ता। रंग: काला और नीला। दिन: शनिवार। मंत्र: "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"। शनि देव की कथा (संक्षिप्त): शनि देव को बचपन में ही तपस्या का आग्रह था। उन्होंने बहुत कठोर तप किया, जिससे उन्हें भगवान सूर्य ने आशीर्वाद दिया। शनि देव अपने भक्तों पर उनके कर्मों के अनुसार दंड या वरदान देते हैं। जो लोग सत्य, धर्म और ईमानदारी से जीवन जीते हैं, उन्हें शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। शनि दोष निवारण: शनिवार का व्रत। शनि मंदिर में तेल, काले तिल और काला कपड़ा चढ़ाना। गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा। Add shaniwar ki kahani to your daily routine 

shani dev ki katha

  शनि देव की कहानी बहुत समय पहले, सूर्य देव और छाया की पुत्री छाया से जन्मे थे शनि देव। शनि का बचपन बहुत ही सरल और कठिनाइयों भरा था। उन्हें बचपन से ही धर्म, सत्य और कर्म की शिक्षा दी गई थी। To read more shani dev ki katha visit our channel  शनि देव का व्यक्तित्व बहुत गंभीर और दृढ़ था। उन्होंने हमेशा सत्य बोलने और कर्म का फल भुगतने की शिक्षा दी। यही कारण है कि शनि देव को कभी-कभी कठोर माना जाता है, लेकिन उनके कठोर निर्णय हमेशा न्यायपूर्ण होते हैं। एक कथा के अनुसार, शनि देव ने अपने जीवन में अनेक कठिन तपस्या की। उन्होंने सूर्य देव से आशीर्वाद लिया कि वे हमेशा न्याय और धर्म की रक्षा करेंगे। शनि देव को ग्रहों का कारक माना जाता है और यह कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति कर्मों में दोष करता है , तो शनि देव उसकी शिक्षा देते हैं। शनि देव की कृपा से जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और समर्पण आता है। कहते हैं कि जो व्यक्ति शनि देव को संतोषजनक रूप से शनिवार को पूजा और उपासना करता है, उसके जीवन से दुख, बाधाएँ और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। शनि देव के कुछ प्रसिद्ध गुण सत्य बोलना और धर...

kahaniya hindi

  1. ईमानदार लकड़हारा एक गरीब लकड़हारा रोज जंगल से लकड़ियाँ काटकर बेचता था। एक दिन उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। वह दुखी होकर बैठा था। तभी भगवान ने उसे सुनहरी कुल्हाड़ी दिखाई और पूछा, “क्या यह तुम्हारी है?” लकड़हारा ईमानदारी से कहा, “नहीं, मेरी तो लोहे की कुल्हाड़ी थी।” भगवान ने उसकी ईमानदारी से खुश होकर उसे सुनहरी और चांदी की कुल्हाड़ी भी दे दी। सिख: ईमानदारी का हमेशा फल मिलता है। To read more kahaniya hindi visit our channel  2. सच्चाई की जीत एक गाँव में दो दोस्त रहते थे – राम और श्याम। राम हमेशा मेहनत करता और सच्चाई से काम करता, जबकि श्याम चोरी-चकारी करता। एक दिन गाँव में सोने का सिक्का खो गया। लोग श्याम पर शक करने लगे, लेकिन जांच में सच सामने आया और राम को ही सिक्का मिला। श्याम को सबक मिला। सिख: सच्चाई हमेशा जीतती है। 3. लोभ और बुद्धिमानी एक राजा के पास दो रास्ते थे – एक छोटा और सुरक्षित, दूसरा लंबा लेकिन खजानों से भरा। कई लोग लंबा रास्ता चुनकर खो गए। एक छोटे से गांव का लड़का समझदारी से छोटा रास्ता लिया और सुरक्षित अपने घर लौट आया। सिख: लालच से बुराई आती ह...

katha kahani

  1. ईमानदारी का फल एक गाँव में रामू नाम का लड़का रहता था। वह हमेशा ईमानदार रहता था। एक दिन उसने रास्ते में एक बटुआ पाया, जिसमें बहुत सारा पैसा था। रामू ने बटुआ तुरंत मालिक को लौटाया। कुछ दिनों बाद, गाँव में उसकी ईमानदारी की चर्चा हुई और गाँव वालों ने उसकी मदद से उसका छोटा व्यापार शुरू कराया। रामू का जीवन खुशहाल हो गया। सीख: ईमानदारी हमेशा सफलता और सम्मान दिलाती है। To read more katha kahani visit our channel  2. मेहनत का महत्व सीता एक गरीब लड़की थी, लेकिन पढ़ाई में बहुत तेज़ थी। वह रोज़ मेहनत करती और कभी हार नहीं मानती। समय आने पर उसने सरकारी परीक्षा पास की और एक अच्छी नौकरी पाई। सीख: कठिन मेहनत और लगन कभी व्यर्थ नहीं जाती। 3. दया का फल एक किसान ने अपने खेत में घायल पक्षी देखा। उसने उसे उठाया, पानी और खाना दिया। पक्षी जल्दी ठीक हो गया और उड़ गया। कुछ समय बाद, किसान का घर आग से जलने लगा। अचानक वही पक्षी और उसके साथी आए और आग बुझाने में मदद की। सीख: दूसरों के प्रति दया और मदद का फल हमेशा मिलता है। Add ktha to your daily routine 

hindi kahani

  सच्चाई की जीत बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में रमेश नाम का लड़का रहता था। रमेश बहुत ही चंचल और चालाक था। वह अक्सर झूठ बोलकर अपनी बातें मनवाता था। To read more hindi kahani visit our cahnnel  एक दिन गाँव में एक बड़ा mela (मेला) लगा। रमेश ने सोचा, "मैं अपने दोस्तों को डराऊँ और मज़ा लूँ।" उसने गाँव वालों से कहा, "जंगल में एक बड़ा सांप घूम रहा है, ध्यान रखना!" सभी लोग डर गए और जंगल में जाने से डरने लगे। रमेश हँस-हँस कर मज़े ले रहा था। लेकिन अगले दिन सच में जंगल में एक बड़ा साँप आ गया। गाँव वाले डरकर रमेश के पास गए, लेकिन उन्होंने अब रमेश की बात पर विश्वास नहीं किया। रमेश ने सच कहा, लेकिन कोई नहीं माना। आख़िरकार, गाँव के बड़े लोगों ने रमेश को समझाया: "सच्चाई हमेशा सम्मान लाती है, और झूठ किसी का भी विश्वास खो देता है।" रमेश ने अपनी गलती स्वीकार की और उस दिन से उसने हमेशा सच्चाई बोलने का संकल्प लिया। सीख: झूठ से कभी जीत नहीं मिलती, लेकिन सच्चाई हमेशा सम्मान दिलाती है। Add naitik kahaniya to your daily routine 

stories in hindi

  1. ईमानदारी का फल एक गाँव में रामू नाम का लड़का रहता था। एक दिन वह खेत में काम करते हुए ज़मीन में एक बड़ा खजाना देखता है। वह खजाने को लेकर तुरंत गाँव के सरपंच के पास गया। सरपंच ने उसकी ईमानदारी देखकर उसे इनाम दिया और गाँव वाले भी उसकी तारीफ़ करने लगे। सीख: ईमानदारी हमेशा सफलता और सम्मान दिलाती है। To read more stories in hindi visit our channel  2. कछुआ और खरगोश एक जंगल में कछुआ और खरगोश रहते थे। खरगोश हमेशा कछुए का मज़ाक उड़ाता था कि वह बहुत धीरे चलता है। कछुए ने एक दिन दौड़ लगाने का प्रस्ताव रखा। दौड़ शुरू हुई, और खरगोश जल्दी-जल्दी भागता हुआ सो गया। कछुआ धीरे-धीरे चलता रहा और अंत में दौड़ जीत गया। सीख: धैर्य और लगातार मेहनत से कभी हार नहीं होती। 3. लालची लोमड़ी एक बार एक लोमड़ी को जंगल में बहुत सारे अंगूर मिले। वह चाहती थी कि सारे अंगूर उसके हों, इसलिए उसने उन्हें जल्दी-जल्दी खाने लगी। लेकिन जल्दी खाने की वजह से उसे पेट में दर्द हुआ और उसने कई अंगूर खो दिए। सीख: लालच बुरा होता है, संतोष रखना ज़रूरी है। Add moral story to your daily routine 

naitik kahaniyan

  1. सच्चाई की जीत एक गांव में राधा नाम की लड़की रहती थी। एक दिन उसने गलती से पड़ोसी का फूल तोड़ दिया। डर के कारण उसने झूठ बोल दिया कि उसने नहीं तोड़ा। लेकिन बाद में उसने अपनी गलती स्वीकार कर दी। पड़ोसी ने उसकी ईमानदारी देख उसे माफ कर दिया। संदेश: सच्चाई हमेशा जीतती है। To read more naitik kahaniyan visit our channel  2. अहंकार का परिणाम एक बार एक कौआ और एक मोर दोस्त थे। मोर ने अपने सुंदर पंखों पर बहुत घमंड किया। एक दिन मोर के पंखों पर गंदगी लग गई, और कौए ने उसका मजाक उड़ाया। मोर ने अहंकार छोड़कर सच्चे मित्र बनना सीखा। संदेश: घमंड से हमेशा हानि होती है। 3. मित्रता में भरोसा राजू और मोहन अच्छे दोस्त थे। मोहन ने अपने पैसों की मदद के लिए राजू पर भरोसा किया। राजू ने अपनी दोस्ती निभाई और मोहन की मदद की। संदेश: सच्चा मित्र हमेशा मुश्किल समय में साथ होता है। 4. किसी को छोटा मत समझो एक छोटे बच्चे ने गाँव के बड़े-बूढ़ों को सही सलाह दी और गांव में बाढ़ रोकने में मदद की। सभी हैरान रह गए। संदेश: उम्र या आकार से किसी की योग्यता का अंदाज़ा मत लगाओ। Add hindi story to y...

hindi stories

कहानी: सच्चाई का फल एक गाँव में रामू नाम का लड़का रहता था। वह पढ़ाई में बहुत होशियार था, लेकिन कभी-कभी झूठ बोल लेता था। To read more hindi stories visit our channel  एक दिन गाँव में एक अखबार वाला आया और बच्चों से पूछा, “जो भी बच्चे सच्चाई से रहेंगे, उन्हें इनाम मिलेगा।” रामू ने सोचा, “मैं झूठ बोलकर भी इनाम पा सकता हूँ।” अगले दिन, रामू ने झूठ बोल दिया। लेकिन जब इनाम बाँटा गया, तो रामू का नाम नहीं आया। वह बहुत दुखी हुआ और गाँव के बुद्धिमान व्यक्ति से मिला। बुद्धिमान व्यक्ति ने कहा, “सच्चाई और ईमानदारी ही सबसे बड़ा इनाम है। जो व्यक्ति हमेशा सच्चाई और अच्छाई का रास्ता अपनाता है, वह जीवन में सच्ची सफलता पाता है।” रामू ने यह बात अपने दिल में बैठा ली और तभी से हमेशा सच बोलने और सही काम करने लगा। धीरे-धीरे लोग उसे सम्मान देने लगे और गाँव में उसकी बहुत इज्जत होने लगी। शिक्षा: ईमानदारी और सच्चाई हमेशा जीवन में सम्मान और सफलता दिलाती है।  Add moral story in hindi to your daily routine 

dadi maa ki kahani

  दादी माँ की कहानी: “ईमानदार खरगोश” एक समय की बात है, एक छोटे गाँव में एक प्यारा सा खरगोश रहता था। उसका नाम था चिरू । चिरू बहुत ही चालाक और खुशमिजाज था, लेकिन कभी-कभी वह झूठ बोल कर मुश्किल से बच जाता था। To read more dadi maa ki kahani visit our channel  एक दिन गाँव के पास जंगल में एक बड़ा उत्सव होने वाला था। सभी जानवर वहाँ आमंत्रित थे। चिरू बहुत खुश था और उसने सोचा, "अगर मैं झूठ बोल कर जल्दी वहाँ पहुँच जाऊँ, तो सबसे पहले खेलों में भाग लूँगा।" चिरू ने झूठ बोला कि वह बीमार है, इसलिए उसकी माँ ने उसे भेज दिया। लेकिन जंगल में पहुँचते ही उसे पता चला कि उसके झूठ की वजह से दूसरे जानवर दुखी हुए थे। तभी वहाँ की दादी माँ, जो सभी जानवरों की मदद करती थी, आईं और बोलीं, “चिरू, ईमानदारी हमेशा सबसे बड़ी ताकत होती है। झूठ से कुछ समय के लिए फायदा हो सकता है, लेकिन सच हमेशा जीतता है।” चिरू को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सबके सामने माफी मांगी और सच बोल दिया। दादी माँ ने उसे गले लगाया और कहा, “देखो, अब तुम खुश हो और सब जानवर तुम्हें प्यार करते हैं। सच बोलना हमेशा अच्छा होता है।” चिरू ...

bedtime stories

  The Little Star Who Could Once upon a time, in a sky full of twinkling stars, there was a tiny star named Lumi . Lumi was smaller than all the other stars and often felt invisible. Every night, the other stars shone brightly, while Lumi’s light seemed almost too faint to notice. To read more bedtime stories visit our channel  One evening, a gentle wind whispered to Lumi, “Don’t worry, little one. Even the tiniest star can shine in a big way.” The very next night, a lost little bird flew through the dark sky, trying to find its way home. Lumi remembered the wind’s words. Summoning all her courage, she twinkled as brightly as she could. Her soft, warm light glimmered through the darkness, guiding the little bird safely to its nest. From that night on, Lumi realized something magical: it doesn’t matter how small you are. Every light can make a difference . And though she was tiny, her glow always helped someone in need. And so, Lumi sparkled happily ever after, knowing ...

dadi maa ki kahaniya

 दादी माँ की कहानी: इमानदार लोमड़ी बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में एक चालाक लोमड़ी रहती थी। वह अक्सर दूसरे जानवरों को धोखा देती और अपने लिए खाना छुपा लेती। To read more dadi maa ki kahaniya visit our channel  एक दिन, जंगल में बड़ा भूचाल आया और सभी जानवर अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहने लगे। लोमड़ी ने सोचा, “अगर मैं सबको धोखा दे दूँ, तो सारा खाना मेरा हो जाएगा।” लोमड़ी ने झूठ बोलकर कहा कि जंगल में भूत आ गया है और जो भी बाहर निकलेगा, उसे भूत पकड़ लेगा। सभी जानवर डर के मारे अपने घरों में छिप गए। लेकिन लोमड़ी भूल गई कि उसके लिए खुद का भी घर सुरक्षित होना जरूरी है। अचानक, एक तेज़ हवा चली और उसका घर गिर गया। लोमड़ी को समझ आया कि उसने दूसरों को धोखा देकर केवल खुद को ही नुकसान पहुँचाया है। उस दिन के बाद से, लोमड़ी ने कभी झूठ नहीं बोला और हमेशा दूसरों की मदद करने लगी। कहानी की सीख: इमानदारी और दूसरों की मदद करना हमेशा अच्छा फल देता है। जो झूठ बोलता है, उसका अंत खुद के लिए मुश्किल बन जाता है। Add stories in hindi to your daily routine 

jadui kahaniya

  जादुई पेड़ और इच्छाओं का सच एक छोटे से गाँव में अरुण नाम का लड़का रहता था। अरुण को हमेशा कुछ नया और अद्भुत करने की इच्छा रहती थी। एक दिन वह जंगल में खेलते-खेलते एक बहुत ही अजीब पेड़ के पास पहुँच गया। पेड़ की शाखाएँ चमकती हुईं थीं और उसके फल सुनहरी रोशनी छोड़ रहे थे। To read more jadui kahaniya visit our channel  जैसे ही अरुण ने पेड़ के एक सुनहरे फल को छुआ, पेड़ से एक मीठी आवाज़ आई: “अरुण, मैं जादुई पेड़ हूँ। तुम मुझसे तीन इच्छाएँ मांग सकते हो।” अरुण बहुत खुश हुआ। उसने तुरंत अपनी पहली इच्छा मांगी: “मैं सबसे तेज़ दौड़ने वाला बनना चाहता हूँ।” जैसे ही उसने यह कहा, उसे अपने पैरों में हल्की बिजली सी महसूस हुई और वह इतनी तेज़ दौड़ने लगा कि हवा भी पीछे रह गई। दूसरी इच्छा उसने मांगी: “मैं दुनिया की सबसे बुद्धिमान किताबें पढ़ सकूँ।” फिर क्या था, उसकी आँखों के सामने सारी किताबें अपने आप खुल गईं और अरुण सब कुछ सीखने लगा। लेकिन तीसरी इच्छा के बारे में सोचते समय अरुण को एहसास हुआ कि वह अपनी इच्छाओं में कुछ भूल रहा है। उसने सोचा, “इतनी शक्तियाँ होने के बाद भी, मेरे गाँव के लोग...

jadui kahaniya

  जादुई जंगल और बात करने वाला खरगोश बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव के पास एक घना जंगल था। लोग कहते थे कि उस जंगल में जादू है । लेकिन किसी ने भी वहाँ जाने की हिम्मत नहीं की। To read more jadui kahaniya visit our channel  एक दिन, गाँव की नन्हीं लड़की रिया ने सोचा, “मैं तो जादू देखना चाहती हूँ!” और उसने अपने छोटे से बैग में पानी और रोटियाँ रखकर जंगल की ओर चल पड़ी। जंगल में चलते-चलते रिया को एक सफेद खरगोश दिखा। लेकिन यह कोई साधारण खरगोश नहीं था—यह बोल सकता था ! खरगोश ने मुस्कुराते हुए कहा, “नमस्ते रिया! मैं तुम्हें जादुई तालाब तक ले चलूँगा, लेकिन तुम्हें एक शर्त पूरी करनी होगी। तुमसे एक पहेली पूछी जाएगी।” रिया ने हिम्मत करके कहा, “ठीक है, मैं तैयार हूँ।” खरगोश ने पूछा, “मैं वह हूँ जो दिन में गायब हूँ, रात में चमकता हूँ। मैं कौन हूँ?” रिया ने कुछ समय सोचा और कहा, “तुम तो चाँद हो!” खरगोश खुश होकर बोला, “सही जवाब! अब मेरे साथ चलो।” खरगोश रिया को लेकर एक छोटे जादुई तालाब तक गया। तालाब का पानी सुनहरी चमक रहा था । जब रिया ने पानी में हाथ डाला, वह हवा में उड़ने...

vrat katha

  सोमवार व्रत कथा बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में रघुनाथ नाम का व्यक्ति रहता था। वह बहुत ही गरीब था लेकिन बहुत ही ईमानदार और भक्‍तिपूर्ण था। रघुनाथ के पास कुछ भी बड़ा नहीं था, बस भगवान शिव में अटूट श्रद्धा थी। एक दिन गाँव में भयंकर सूखा पड़ गया। लोग परेशान हो गए, खेत बर्बाद हो गए, और लोग भगवान से प्रार्थना करने लगे। रघुनाथ ने सोचा कि वह सोमवार के दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करेगा और उन्हें प्रसन्न करेगा। To read more vrat katha visit our channel  व्रत नियम : सोमवार को सुबह जल्दी उठना स्नान के बाद भगवान शिव का जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करना उपवास रखना और शाम तक फल या एक बार हल्का भोजन करना पूरे दिन शिव की भक्ति में लीन रहना रघुनाथ ने इस व्रत को पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाया। भगवान शिव रघुनाथ की भक्ति से प्रसन्न हुए और गाँव में बरसात भेज दी। फसलें फिर से हरी-भरी हो गईं। रघुनाथ की ईमानदारी और भक्ति देखकर पूरे गाँव के लोग भी सोमवार का व्रत रखने लगे। सीख : भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धा और ईमानदारी सबसे बड़ी चीज़ है। व्रत सिर्...

ganesh ji ki katha

  गणेश जी की जन्म कथा बहुत समय पहले, भगवान शिव और देवी पार्वती रहते थे। पार्वती माता अपने स्नान के समय घर में किसी की मदद के लिए चाहती थीं कि कोई उनका द्वारपाल बने। उन्होंने मिट्टी से एक सुंदर लड़के की मूर्ति बनाई और उसमें अपनी शक्ति डालकर उसे जीवन दिया। यही लड़का था गणेश जी । To read more ganesh ji ki katha visit our channel  पार्वती माता ने गणेश जी से कहा, “मेरे दरवाजे पर कोई बिना मेरी अनुमति के प्रवेश न करे।” कुछ समय बाद, भगवान शिव घर लौटे। गणेश जी ने उन्हें घर में प्रवेश करने से रोका क्योंकि पार्वती माता ने ऐसा आदेश दिया था। शिव जी ने उसे जाने की बात कही, लेकिन गणेश जी ने आदेश का पालन किया और उन्हें रोक दिया। इससे भगवान शिव क्रोधित हो गए और उन्होंने गणेश जी का सिर काट दिया । जब पार्वती माता ने यह देखा, तो वह बहुत दुखी हुईं और शिव जी से कहा कि उनका बेटा जीवित किया जाए। भगवान शिव ने अपने हाथियों के सिर वाले पहले जीवित प्राणी का सिर गणेश जी पर रखा। इस प्रकार गणेश जी का हाथी का सिर हुआ और वे फिर से जीवित हो गए। तब से गणेश जी को सभी विघ्नों और बाधाओं को दूर करने वाला मा...

hindu stories

  1. भगवान गणेश और मूँगफली का व्रत एक बार भगवान गणेश ने माता पार्वती से वचन लिया कि वे कभी भी उनका अपमान नहीं करेंगे। एक दिन, एक साधु ने मूँगफली मांगी, लेकिन गणेश जी ने उसे नहीं दी। साधु नाराज हुए, पर गणेश जी ने विनम्रता से उन्हें समझाया। इस कहानी से हमें सत्य और विनम्रता का महत्व सीखने को मिलता है। To read more hindu stories visit our channel  2. भगवान राम और सीता माता रामायण में, भगवान राम ने रावण के हाथों से सीता माता को बचाया। उन्होंने हमेशा धर्म और न्याय का पालन किया, चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो। 3. सत्यवान और सत्यवती एक बार राजा सत्यवती ने अपनी पत्नी के लिए वचन दिया कि वह हमेशा सत्य बोलेंगे । यह कहानी हमें सिखाती है कि सत्य बोलने का फल हमेशा अच्छा होता है , भले ही मुश्किल समय में। 4. भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप प्रह्लाद एक सच्चा भक्त था। उनके पिता, दानव राजा हिरण्यकश्यप, उन्हें मारने की बहुत कोशिश करता रहा, लेकिन भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में प्रकट होकर उनकी रक्षा की। यह कहानी सिखाती है कि भक्ति और ईमानदारी हमेशा जीतती है । 5. संत तुकाराम ...

bhagwan jagannath ki kahani

भगवान जगन्नाथ जी की कथा बहुत समय पहले, पुरी नगरी में एक महान राजा, नंदन वर्मा राज्य करता था। राजा बहुत ही धर्मपरायण और भक्तिमान था। उनका एक बड़ा सपना था कि उनके राज्य में भगवान का भव्य मंदिर बने, जिसमें सभी लोग भगवान की आराधना कर सकें। To read more bhagwan jagannath ki kahani visit our channel  इस दौरान, एक विद्वान शिल्पी, विद्या शंकर वहाँ आए। उन्होंने राजा से कहा कि वह लकड़ी से भगवान जगन्नाथ जी की मूर्ति बना सकते हैं, लेकिन इसे बनाना बहुत कठिन है, क्योंकि यह लकड़ी केवल विशेष पवित्र पेड़ से ही बनेगी। राजा ने तुरंत आदेश दिया और पूरे राज्य में पवित्र लकड़ी की खोज शुरू की गई। अंततः उन्हें निर्वाण वृक्ष मिला। विद्वान शिल्पी ने उस लकड़ी से तीन मूर्तियाँ बनाईं: भगवान जगन्नाथ (मुख्य रूप) भगवान बलभद्र (जगन्नाथ जी के बड़े भाई) देवी सुभद्रा (भगवान की बहन) जब मूर्तियाँ तैयार हो गईं, तो उन्होंने कहा कि मूर्तियाँ अपने आप जीवन पाकर चल सकती हैं। राजा और पूरी नगरी के लोग बहुत प्रसन्न हुए। इसके बाद, पुरी का भव्य जगन्नाथ मंदिर बनवाया गया। मंदिर में हर साल रथ यात्रा मना...

bhakti kahani

  भक्ति का फल – भिखारी और भगवान शिव एक समय की बात है, एक गरीब भिखारी जंगल के पास रहता था। उसके पास खाने के लिए बहुत कम था, लेकिन उसका हृदय हमेशा भगवान के प्रति भक्ति और श्रद्धा से भरा रहता। वह रोज़ भगवान शिव की पूजा करता और गहरे मन से उन्हें याद करता। To read more bhakti kahani visit our channel  एक दिन उसे बहुत भूख लगी। पास ही एक बड़ा तालाब था। उसने सोचा, "मैं भगवान शिव के लिए व्रत रख रहा हूँ, शायद वे मेरी मदद करेंगे।" लेकिन उसके पास खाने को कुछ नहीं था। उसी समय भगवान शिव स्वयं उसके सामने प्रकट हुए। उन्होंने भिखारी से कहा, "तुमने मुझसे जो भक्ति की है, उसके लिए मैं तुम्हारी मदद करूँगा।" भगवान ने अपनी त्रिशूल से तालाब में पानी हिलाया और वहाँ से सोने का एक बड़ा बर्तन उभर आया। भिखारी ने सोचा, "यह तो भगवान का आशीर्वाद है।" उसने बर्तन को गरीबों में बांट दिया और फिर भी अपने लिए कुछ रखा। उसकी भक्ति और दान करने की भावना देखकर भगवान शिव ने उसे आशीर्वाद दिया कि उसके जीवन में कभी भी कमी न होगी। सीख: सच्ची भक्ति और ईश्वर में विश्वास रखने वालों की कभी मदद नहीं ...

jagannath ji ki katha

 भगवान जगन्नाथ जी की कथा बहुत समय पहले, पुरूषोत्तम नारायण यानी भगवान विष्णु ने रथ यात्रा का अद्भुत रूप धरकर धरती पर आने का निश्चय किया। वह भूमि का कल्याण करने के लिए भगवान जगन्नाथ के रूप में उपस्थित हुए। To read more jagannath ji ki katha visit our channel  ओडिशा के पुरी नगर में एक बड़े राजा का नाम निदान था। राजा के पास एक सुंदर देवता की मूर्ति बनाने का विचार आया। तब एक कुशल लकड़हारा और मूर्तिकार ने मिलकर भगवान की मूर्ति बनाई। यह मूर्ति लकड़ी की थी, इसलिए इसे हमेशा सावधानी और प्रेम से पूजा जाता है। भगवान जगन्नाथ जी की मूर्ति उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ है। यह तीनों भाई-बहन एक-दूसरे के साथ सदा पूजा और भक्ति के प्रतीक हैं। प्रत्येक वर्ष, भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा होती है। लाखों भक्त इस यात्रा को देखने आते हैं और रथ खींचकर भगवान का सम्मान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो कोई भी श्रद्धा और भक्ति से इस यात्रा में भाग लेता है, उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं और भगवान की कृपा प्राप्त होती है। भगवान जगन्नाथ जी की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण बात है भक्ति, सच्चाई और प्रेम...

jadui kahani

  चाँद की हँसी बहुत समय पहले, एक छोटे गाँव में मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा बहुत ही प्यारी और दयालु थी, लेकिन उसका एक छोटा सा गम था—वह रात में हमेशा अंधेरे से डरती थी। To read more jadui kahani visit our channel  एक रात, जब मीरा अपने बगीचे में टहल रही थी, उसने देखा कि चाँद की रोशनी कुछ अलग ही चमक रही है। तभी अचानक चाँद की किरणें सीधे उसके सामने गिरीं और एक छोटा सा चाँदी का प्राणी प्रकट हुआ। वह प्राणी अपने हाथ में चमकती छड़ी लिए हुए था। “मैं चाँद का परी मित्र हूँ,” प्राणी बोला। “तुम्हारे दिल की सच्चाई और दयालुता ने मुझे बुलाया है। मैं तुम्हें एक जादुई तोहफा दूँगा।” मीरा ने उत्सुकता से पूछा, “क्या है वो तोहफा?” परी ने अपनी छड़ी घुमाई, और मीरा के हाथ में एक छोटा सा संगीत वादा करने वाला सितारा आ गया। “जब भी तुम डरोगी, बस इसे गले लगाना और यह तुम्हारे डर को हँसी में बदल देगा।” मीरा ने सितारे को गले लगाया। और जैसे ही उसने इसे महसूस किया, उसका डर गायब हो गया। अब मीरा रात में भी खुश होकर टहलने लगी। वो जादू केवल डर को दूर करने का नहीं था, बल्कि यह सच्चाई, दयालुता और व...

jadui kahaniya

  जादुई चश्मा बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे गाँव में रिया नाम की एक लड़की रहती थी। रिया को पढ़ाई का बहुत शौक था, लेकिन उसके गाँव में कोई बड़ी लाइब्रेरी नहीं थी। To read more jadui kahaniya visit our channel  एक दिन, रिया जंगल में खेल रही थी, तभी उसे एक चमकता हुआ चश्मा मिला। जैसे ही उसने चश्मा पहना, उसने देखा कि सारे पेड़, जानवर और फूल बोल सकते हैं! पेड़ ने कहा, "रिया, हम तुम्हें एक राज़ बताने वाले हैं।" रिया ने चश्मा उतारा, लेकिन जंगल अब बिल्कुल सामान्य लग रहा था। वह चश्मा पहनकर फिर से जंगल में गई। पेड़ और जानवर उसे बताया कि यह चश्मा सिर्फ सच देखने वाला जादुई चश्मा है। जो भी रिया देखेगी, वह उसकी आंखों के सामने सच में बदल जाएगा। रिया ने सोचा, "अगर मैं इसकी मदद से लोगों की मदद करूँ, तो सबका भला होगा।" उसने चश्मा पहनकर गाँव में जाकर किसी की मदद करनी शुरू की। किसी की गाय खोई हुई थी, किसी का घर टूटा था, और किसी को खाने की जरूरत थी। धीरे-धीरे रिया की अच्छाई और जादुई चश्मे की मदद से पूरा गाँव खुशहाल हो गया। रिया समझ गई कि जादू केवल वस्तुओं में नहीं, बल्कि अच्छे ...

vrat katha

  सोमवार व्रत कथा बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक निर्धन ब्राह्मण अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। ब्राह्मण हर सोमवार उपवास रखकर भगवान शिव की पूजा करता और उनका आशीर्वाद माँगता। To read more vrat katha visit our channel  एक दिन ब्राह्मण के गाँव में एक भयंकर अकाल पड़ा। लोग भूखे थे और ब्राह्मण के पास भी खाने को कुछ नहीं था। पर ब्राह्मण ने संकल्प लिया कि वह सोमवार व्रत नहीं तोड़ेगा। सचमुच, भगवान शिव उसकी भक्ति से प्रसन्न हुए। उन्होंने ब्राह्मण के घर के बाहर एक सोने का खजाना भेज दिया। ब्राह्मण और उसका परिवार खुशहाल जीवन जीने लगे। भगवान शिव ने यह भी बताया कि: "जो भी व्यक्ति श्रद्धा और निष्ठा से सोमवार व्रत करता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और उसे दुखों से मुक्ति मिलती है।" सोमवार व्रत के नियम (सारांश) सोमवार का व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है। व्रत वाले दिन उपवास रखें और प्रातःकाल बिल्व पत्र, दूध और जल से शिवलिंग पूजा करें। रात्रि में शिव मंत्र का जाप करें – जैसे “ॐ नमः शिवाय”। इस दिन भोजन केवल फल, दूध या हल्का भोजन ...

ganesh ji ki katha

  गणेश जी की जन्म कथा एक समय की बात है, माँ पार्वती अपने शरीर की मिट्टी से एक सुंदर बच्चा बनाती हैं। उन्होंने उसे अपने स्नान के समय पहरे के लिए रखा और कहा, “किसी को भी अंदर मत आने देना।” To read more ganesh ji ki katha visit our channel  तभी भगवान शिव घर लौटे। बच्चे ने उन्हें रोक दिया क्योंकि उसे माँ का आदेश था। शिवजी ने गुस्से में बच्चे का सिर काट दिया। जब माँ पार्वती ने यह देखा, तो वह बहुत दुखी हुईं। शिवजी ने अपने अपराध का अहसास किया और गणेश जी को फिर से जीवित करने का प्रयास किया। तब शिवजी ने पास के पहले जीवित प्राणी का सिर काट कर गणेश जी के शरीर पर लगा दिया। वह प्राणी था – हाथी । इस प्रकार गणेश जी का हाथी का सिर हुआ। शिवजी ने उन्हें वरदान दिया कि वे हमेशा विद्या और बुद्धि के देवता बनेंगे। लोग उन्हें विघ्नहर्ता (विघ्न दूर करने वाले) भी मानते हैं। शिक्षा: माता-पिता का आदर करना चाहिए। बुद्धि और विद्या का सम्मान करना चाहिए। गुस्से में गलत कार्य करने से पहले सोच-विचार करना चाहिए। Add sankashti chaturthi vrat katha to your daily routine 

hindu stories

  1. The Story of Prahlad and Holika Prahlad was a devoted child of Lord Vishnu, but his father, Hiranyakashipu, hated Vishnu. He tried to kill Prahlad many times, but the boy’s devotion protected him. Once, Hiranyakashipu asked Holika, his sister, to sit with Prahlad in a fire because she had a magic cloak that could save her. But the cloak flew from Holika to Prahlad, saving him and burning Holika. This story teaches that true devotion and faith always protect you . To read more hindu stories visit our channel  2. Lord Ganesha and the Moon Once, Lord Ganesha was riding his mouse when it stumbled, and he fell. The moon laughed at him. Angry, Ganesha cursed the moon, saying anyone who looked at it on a full moon day would be blamed for false accusations. But later, he softened the curse. This story teaches that pride and arrogance can lead to mistakes, and forgiveness is important . 3. The Story of Dhruva Dhruva was a young prince who was ignored by his stepmother. De...

bhagwan jagannath ki kahani

  भगवान जगन्नाथ की कथा बहुत समय पहले, वर्तमान ओड़िशा के पुरी में एक भव्य मंदिर का निर्माण होना था। उस समय एक अत्यंत भाग्यशाली और भक्तिशील राजा ने सोचा कि वह भगवान विष्णु की विशेष मूर्ति बनवाएंगे। To read more bhagwan jagannath ki kahani visit our channel  राजा ने कई मूर्तिकारों को बुलाया, लेकिन किसी को भी वह काम पूर्ण रूप से नहीं कर पाया। तभी विशेष मूर्तिकार विष्णुचर्मा आए। उन्हें भगवान ने स्वप्न में आदेश दिया कि वे पुरी आएँ और वहाँ भगवान की मूर्ति बनाएं। विशेष बात यह थी कि भगवान जगन्नाथ और उनके भाई बल्लभदेव की मूर्तियाँ लकड़ी से बनाई जानी थीं, और उनकी आंखें पूर्ण रूप से मूर्तिकार स्वयं नहीं बना सकते थे। मूर्तिकार ने बहुत ध्यान और भक्ति से लकड़ी की मूर्तियाँ बनाई, लेकिन आखिरी चरण में भगवान ने स्वयं अपनी आँखें डाल दीं। इस कारण जगन्नाथ जी की आंखें गोल और बड़ी दिखाई देती हैं। भगवान जगन्नाथ की विशेषता यह है कि वे हर किसी को समान रूप से देखते हैं और उनकी भक्ति में कोई भेदभाव नहीं है। यही कारण है कि उनके मंदिर में हर रोज़ लाखों भक्त आते हैं। जगन्नाथ जी की सबसे प्रसिद्ध उत्...

bhakti kahani

  सच्ची भक्ति का फल एक छोटे से गाँव में रामु नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत गरीब था, लेकिन भगवान से उसका गहरा प्रेम था। रामु हर दिन अपने घर के पास के छोटे मंदिर में जाता और भगवान की मूर्ति के सामने दीपक जलाकर प्रार्थना करता। To read more bhakti kahani visit our channel  गाँव के लोग सोचते थे कि गरीब रामु के पास देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उसकी भक्ति निरर्थक है। लेकिन रामु हमेशा खुश रहता और भगवान से कहता, "भगवान, मेरे पास भले ही धन नहीं है, पर मेरा मन और प्रेम तुम्हारे लिए सच्चा है।" एक दिन गाँव में भयंकर सूखा पड़ा। लोग भूख और प्यास से परेशान थे। रामु ने भी भगवान से प्रार्थना की, "हे भगवान! कृपया हमारे गाँव को इस कठिन समय से बचाइए।" भगवान ने रामु की सच्ची भक्ति देखकर गाँव में बारिश भेज दी। सभी लोग हैरान रह गए कि कैसे इतनी मुश्किल समय में भगवान ने गाँव की रक्षा की। गाँव के लोग रामु की भक्ति के सामने नतमस्तक हो गए और समझ गए कि भक्ति का मूल्य केवल धन या वस्तु देने में नहीं, बल्कि सच्चे मन और प्रेम में है। रामु की भक्ति ने सबको यह सिखाया कि भगवान को केवल अपने ...

jagannath ji ki katha

  भगवान जगन्नाथ जी की कथा बहुत समय पहले, वर्तमान ओड़िशा (पूर्व में उड़ीसा) में एक नगर था, जिसे पुरी कहा जाता था। वहाँ एक महान राजा और उनकी प्रजा रहती थी। उस समय भगवान विष्णु ने अपने अनंत रूप में प्रकट होकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना करनी चाही। To read more jagannath ji ki katha visit our channel  भगवान विष्णु ने पुरी में जगन्नाथ रूप धारण किया। कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बल्लभाचार्य/बालभद्र और बहन सुभद्रा के साथ यहां प्रकट हुए। एक कथा के अनुसार, एक भक्त विष्णु सेनानी ने भगवान जगन्नाथ को लकड़ी से बनवाया। जब यह लकड़ी का शिल्प तैयार हुआ, तब भगवान ने अपनी दिव्य शक्ति से इसे जीवित किया। इस प्रकार भगवान जगन्नाथ, अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ जगन्नाथ मंदिर में विराजमान हुए। भगवान जगन्नाथ की विशेषता यह है कि वे लकड़ी के देवता हैं और उनका रूप पूर्ण नहीं है, यानी उनके हाथ-पैर का आकार साधारण नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक है। यह बताता है कि भगवान हर जीव के लिए समान रूप से उपस्थित हैं और सभी को देख सकते हैं। रथ यात्रा की कथा: भगवान जगन्नाथ की सबसे प्रसिद्ध परंपरा ...